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फसल की खेती (Crop Cultivation)

कई क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल पर चक्र भृंग का प्रकोप, राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान ने जारी की कीटनाशक छिड़काव की सलाह

28 जुलाई 2025, नई दिल्ली: कई क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल पर चक्र भृंग का प्रकोप, राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान ने जारी की कीटनाशक छिड़काव की सलाह – आईसीएआर – राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान ने जानकारी दी है कि सोयाबीन की फसल में चक्र भृंग (Girdle Beetle) का प्रकोप विभिन्न क्षेत्रों में देखा गया है, जिससे किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। संस्थान ने चक्र भृंग के नियंत्रण के लिए कीटनाशक छिड़काव और अन्य रोकथाम उपायों की सिफारिश की है।

चक्र भृंग के लक्षण

चक्र भृंग (गर्डल बीटल) का लार्वा पौधों के तने या शाखाओं के आधार को चारों ओर से काट देता है, जिससे ऊपर का हिस्सा सूख जाता है और गिर सकता है। यह कीट सोयाबीन की उपज पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

वर्तमान स्थिति

हाल ही में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में इस कीट के लक्षण देखने को मिले हैं। नमीयुक्त मौसम और बादल छाए रहने की स्थिति में इसका प्रकोप तेजी से फैल सकता है।

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रोकथाम और नियंत्रण हेतु कीटनाशक छिड़काव की सलाह

जैसे ही चक्र भृंग के लक्षण दिखाई दें, किसानों को नीचे दिए गए किसी एक कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए:

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  • थायक्लोप्रिड 21.7% एस.सी. – 750 मिली/हेक्टेयर
  • टेट्रानिलिप्रोल 18.18% एस.सी. – 250–300 मिली/हेक्टेयर
  • क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5% एस.सी. – 150 मिली/हेक्टेयर
  • इमामेक्टीन बेन्जोएट 1.9% ई.सी. – 425 मिली/हेक्टेयर
  • प्रोफेनोफॉस 50% ई.सी. – 1 लीटर/हेक्टेयर

फैलाव रोकने के अतिरिक्त उपाय

संस्थान ने यह भी कहा है कि प्रभावित पौधों या उनकी शाखाओं को पहचान कर तुरंत तोड़कर खेत से बाहर नष्ट कर देना चाहिए, ताकि यह कीट अन्य स्वस्थ पौधों तक न पहुंचे।

संस्थान की अपील

राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपने खेतों की नियमित निगरानी करें और प्रारंभिक अवस्था में ही नियंत्रण उपाय अपनाएं, जिससे उपज को नुकसान से बचाया जा सके।

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