सोयाबीन किसानों के लिए गाइड: बुवाई के 10 से 20 दिन बाद कौन-सा खरपतवार नाशक डालें, देखें सूची
31 जुलाई 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन किसानों के लिए गाइड: बुवाई के 10 से 20 दिन बाद कौन-सा खरपतवार नाशक डालें, देखें सूची – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (NSRI), इंदौर ने सोयाबीन किसानों के लिए साप्ताहिक सलाह (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026) जारी की है। एडवाइजरी में संस्थान ने किसानों को बुवाई के बाद खरपतवार नियंत्रण के लिए फसल की अवस्था के अनुसार केवल अनुशंसित खरपतवारनाशकों का ही उपयोग करने की सलाह दी है। इसके लिए केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड द्वारा 31 मार्च 2026 को जारी अनुशंसित सूची का पालन करने को कहा गया है।
संस्थान के अनुसार, खरपतवार नियंत्रण के लिए पहले हाथ से निराई-गुड़ाई, डोरा या कुल्पा जैसे उपाय अपनाने चाहिए। यदि खरपतवार अधिक हों तो खड़ी फसल में केवल अनुशंसित पोस्ट इमर्जेंस (POE) खरपतवारनाशकों का ही प्रयोग करें। साथ ही छिड़काव के दौरान पर्याप्त पानी तथा फ्लड जेट या फ्लैट फैन नोजल का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
बुवाई के 10–12 दिन बाद (POE) ये खरपतवारनाशक करें इस्तेमाल
| खरपतवारनाशक | मात्रा प्रति हेक्टेयर |
| क्लोरीम्यूरॉन एथाइल 25 WP + सर्फेक्टेंट | 36 ग्राम |
| बेंटाजोन 48 SL | 2.00 लीटर |
बुवाई के 15–20 दिन बाद (POE) ये दवाएं हैं अनुशंसित
| खरपतवारनाशक | मात्रा (प्रति हेक्टेयर) |
| क्लेथोडिम 13% w/w EC (12% w/v EC) | 1000 मि.ली. |
| इमाजेथापायर 10 SL | 1.00 लीटर |
| इमाजेथापायर 70% WG + सर्फेक्टेंट | 100 ग्राम |
| क्विजालोफॉप एथाइल 5 EC | 0.75–1.00 लीटर |
| क्विजालोफॉप-पी-एथाइल 10 EC | 375–450 मि.ली. |
| फेनॉक्साप्रॉप-पी-एथाइल 9.3 EC | 1.11 लीटर |
| क्विजालोफॉप-पी-टेफ्यूरिल 4.41 EC | 0.75–1.00 लीटर |
| फ्लूआज़िफॉप-पी-ब्यूटाइल 13.4 EC | 1.00–2.00 लीटर |
| हेलोक्सीफॉप-आर-मेथाइल 10.5 EC | 1.00–1.25 लीटर |
| प्रोपाक्विजाफॉप 10 EC | 0.50–0.75 लीटर |
| क्लेथोडिम 25 EC | 0.50–0.70 लीटर |
| फ्लुथियासेट मिथाइल 10.3 EC | 125 मि.ली. |
पूर्व मिश्रित (Pre-Mix) खरपतवारनाशकों की भी दी गई है सलाह
| खरपतवारनाशक | मात्रा (प्रति हेक्टेयर) |
| फोमेसाफेन 17.5% + क्लोडिनाफॉप-प्रोपार्जिल 12.5% w/w ME | 1000 मि.ली. |
| मेटामीफॉप 8% + इमाजेथापायर 4% + इमाजामॉक्स 3% W/W ME | 1000 मि.ली. + अमोनियम सल्फेट 750 ग्राम |
| हेलोक्सीफॉप-आर-मेथाइल एस्टर 16.5% + क्लोडिनाफॉप-प्रोपार्जिल 8% EC | 1000 मि.ली. |
| फ्लूआज़िफॉप-पी-ब्यूटाइल + फोमेसाफेन | 1.00 लीटर |
| इमाजेथापायर + इमाजामॉक्स | 100 ग्राम |
| प्रोपाक्विजाफॉप + इमाजेथापायर | 2.00 लीटर |
| फोमेसाफेन 12.5% + क्विजालोफॉप एथाइल 4.68% EC | 1.00 लीटर |
| क्विजालोफॉप एथाइल + क्लोरीम्यूरॉन एथाइल + सर्फेक्टेंट | 375 मि.ली. + 36 ग्राम + 0.2% |
| फ्लुथियासेट मिथाइल + क्विजालोफॉप एथाइल (2.5% + 10% EC) | 0.50 लीटर |
| क्विजालोफॉप एथाइल 7.5% + इमाजेथापायर 15% w/w EC | 0.50 लीटर |
छिड़काव करते समय रखें इन बातों का ध्यान
- खरपतवारनाशक का चयन फसल की अवस्था और अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही करें।
- हाथ से निराई-गुड़ाई और डोरा/कुल्पा जैसे उपायों को प्राथमिकता दें।
- केवल अनुशंसित पोस्ट इमर्जेंस (POE) खरपतवारनाशकों का ही उपयोग करें।
- नैपसैक स्प्रेयर से 450–500 लीटर तथा पावर स्प्रेयर से 120–150 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर का प्रयोग करें।
- छिड़काव के लिए फ्लड जेट या फ्लैट फैन नोजल का इस्तेमाल करें।
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