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फसल की खेती (Crop Cultivation)

कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोमर 15:15:15:09 की विशेषतांए एंव लाभ

13 अप्रैल 2023, भोपाल: कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोमर 15:15:15:09 की विशेषतांए एंव लाभ – कोरोमंडल का उर्वरक ग्रोमर 15:15:15:09 में15% नाइट्रोजन, 15% फॉस्फोरस, 15% पोटैशियम और 9% सल्फर होता हैं। इस उर्वरक को चाय, कॉफी, सुपारी आदि रोपण फसलों में वानस्पतिक वृद्धि के लिए आदर्श बनाते हैं। इसका पैक आकार 50 किलो का होता हैं।

कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोमर 15:15:15:09 की विशेषतांए-

i.       NPK के साथ पोटाश ग्रेड वाला अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट 1:1:1 अनुपात में उपलब्ध होता है।

ii.     इसमें अमोनिया और यूरिया के रूप में N होता है, जो लीचिंग नहीं करते, जिससे नाइट्रोजन उपयोग करने की दक्षता में सुधार होता है।

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iii.  15% P में से 13% पानी में घुलनशील P2O5।

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iv.  इसमें 15% पोटैशियम और 9% सल्फर होता है।

कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोमर 15:15:15:09 के फायदे-

i.       नाइट्रेट-उपयुक्त फसलों सहित सभी फसलों के लिए उपयुक्त है, क्योंकि पहाड़ी ज़मीन पर, NH4 को N के NO3 रूप में आसानी से ऑक्सीडाइज़ किया जा सकता है।

ii.    धान की फसल के लिए अत्यधिक उपयुक्त।

iii. नाइट्रोजन का स्रोत अमोनिया और यूरिया दोनों हैं, इसलिए कॉफी, चाय, सुपारी और अन्य रोपण फसलों जैसी लंबी अवधि की फसलों के लिए उपयुक्त है।

iv. इसमें सल्फर होता है, जो सल्फर-उपयुक्त फसलों जैसे दालों और तिलहनों के लिए उपयुक्त होता है और उपज और गुणवत्ता में सुधार करता है।

कोरोमंडल के उर्वरक ग्रोमर 15:15:15:09 के उपयोग की मात्रा (किलो प्रति एकड़)

1.     कॉफी, चाय, सुपारी, धान, रोपण फसलों, जूट और अन्य सब्जियों की फसलों के लिए बहुत उपयुक्त है। धान, गेहूँ, मक्का: 80-100 किलो; वाणिज्यिक फसलें – गन्ना, तम्बाकू, कपास और मिर्च: 120-150 किलो; जूट और रोपण फसलें: 100-150 किलो, सब्जियों की फसलें: 50-80 किलो।

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