फसल की खेती (Crop Cultivation)

DAP बनाम NPK 19:19:19: किसान किसे चुनें और कब?

22 जून 2026, नई दिल्ली: DAP बनाम NPK 19:19:19: किसान किसे चुनें और कब? – भारतीय किसानों के बीच डीएपी सबसे लोकप्रिय उर्वरकों में से एक है। हर सीजन में लाखों किसान डीएपी खरीदते हैं और इसे फसल उत्पादन का आधार मानते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एनपीके 19:19:19 जैसे संतुलित उर्वरकों की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में किसानों के सामने सवाल खड़ा होता है कि आखिर डीएपी और 19:19:19 में से कौन सा उर्वरक अधिक लाभदायक है।

डीएपी में 18 प्रतिशत नाइट्रोजन और 46 प्रतिशत फास्फोरस होता है। इसका मुख्य उद्देश्य फसल को शुरुआती अवस्था में फास्फोरस उपलब्ध कराना है। दूसरी ओर 19:19:19 एक संतुलित उर्वरक है जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश तीनों समान मात्रा में उपलब्ध होते हैं।

यदि खेत में फास्फोरस की कमी अधिक है और बुवाई के समय जड़ों के विकास को बढ़ावा देना है, तो डीएपी प्रभावी विकल्प माना जाता है। लेकिन यदि फसल को संतुलित पोषण देना हो या फर्टिगेशन के माध्यम से उर्वरक देना हो, तो 19:19:19 अधिक उपयोगी साबित हो सकता है।

कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि कई किसान डीएपी का अत्यधिक उपयोग करते हैं, जिससे फास्फोरस तो अधिक मात्रा में उपलब्ध हो जाता है लेकिन पोटाश की कमी बनी रहती है। यही कारण है कि उत्पादन क्षमता सीमित हो जाती है। दूसरी ओर संतुलित उर्वरक पौधों को समग्र पोषण प्रदान करते हैं।

भविष्य की कृषि में उर्वरक चयन केवल लोकप्रियता के आधार पर नहीं बल्कि मिट्टी और फसल की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर किया जाना चाहिए। यही वैज्ञानिक खेती का मूल सिद्धांत है।

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