गेहूं में 150:60:60 NPK डोज: कितनी यूरिया, DAP और पोटाश डालें ताकि बालियां भरपूर आएं
18 जून 2026, नई दिल्ली: गेहूं में 150:60:60 NPK डोज: कितनी यूरिया, DAP और पोटाश डालें ताकि बालियां भरपूर आएं – भारत दुनिया के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक देशों में शामिल है, लेकिन कई क्षेत्रों में उत्पादकता अभी भी संभावित स्तर से कम है। खेतों में पर्याप्त सिंचाई और बेहतर बीज उपलब्ध होने के बावजूद उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इसका एक बड़ा कारण असंतुलित पोषण प्रबंधन है।
गेहूं की फसल को मजबूत जड़ प्रणाली, अधिक टिलर, स्वस्थ बालियां और बेहतर दाना भराव के लिए संतुलित पोषण की आवश्यकता होती है। केवल यूरिया पर निर्भर रहने से पौधे हरे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इससे उत्पादन की गारंटी नहीं मिलती।
गेहूं के लिए अनुशंसित उर्वरक मात्रा
| पोषक तत्व | मात्रा (किग्रा/हेक्टेयर) |
|---|---|
| नाइट्रोजन (N) | 100-150 |
| फास्फोरस (P₂O₅) | 50-60 |
| पोटाश (K₂O) | 40-60 |
सामान्य उर्वरक स्रोत
| उर्वरक | मुख्य पोषक तत्व |
|---|---|
| यूरिया | नाइट्रोजन |
| DAP | नाइट्रोजन + फास्फोरस |
| MOP | पोटाश |
गेहूं में फास्फोरस का महत्व विशेष रूप से शुरुआती अवस्था में होता है। यह जड़ों को मजबूत बनाता है और पौधों को पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में मदद करता है। यही कारण है कि बुवाई के समय DAP का उपयोग व्यापक रूप से किया जाता है।
गेहूं की फसल में सबसे महत्वपूर्ण अवस्था CRI (क्राउन रूट इनिशिएशन) मानी जाती है। इस समय पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और टिलर बनने शुरू होते हैं। यदि इस अवस्था में नाइट्रोजन की कमी हो जाए तो उत्पादन क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।
भारत के कई गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में जिंक और सल्फर की कमी भी बढ़ रही है। लगातार गेहूं-धान चक्र के कारण मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों का स्तर कम होता जा रहा है। ऐसे क्षेत्रों में जिंक सल्फेट और सल्फर आधारित उर्वरकों का उपयोग बेहतर परिणाम दे सकता है।
पोटाश की भूमिका भी गेहूं में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पौधों को रोगों और प्रतिकूल मौसम के प्रति सहनशील बनाता है। जिन खेतों में पोटाश की कमी होती है वहां दानों का विकास प्रभावित हो सकता है।
कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि मृदा परीक्षण आधारित पोषण प्रबंधन अपनाकर किसान उर्वरक लागत को नियंत्रित करते हुए उत्पादन बढ़ा सकते हैं। यही कारण है कि आधुनिक गेहूं उत्पादन प्रणाली में संतुलित NPK उपयोग पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
एक बोरी खाद में कितना नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश होता है? किसानों के लिए उपयोगी गणना तालिका
मानक गणना (50 किलोग्राम की एक बोरी के आधार पर)
| उर्वरक | ग्रेड (N:P) | 50 किग्रा की एक बोरी में नाइट्रोजन (N) | फास्फोरस (P₂O₅) | पोटाश (K₂O) | अन्य पोषक तत्व |
|---|---|---|---|---|---|
| यूरिया | 46-0-0 | 23.0 किग्रा | 0 | 0 | – |
| DAP | 18-46-0 | 9.0 किग्रा | 23.0 किग्रा | 0 | – |
| MAP | 11-52-0 | 5.5 किग्रा | 26.0 किग्रा | 0 | – |
| SSP | 0-16-0 | 0 | 8.0 किग्रा | 0 | सल्फर लगभग 6 किग्रा |
| TSP | 0-46-0 | 0 | 23.0 किग्रा | 0 | – |
| MOP | 0-0-60 | 0 | 0 | 30.0 किग्रा | – |
| SOP | 0-0-50 | 0 | 0 | 25.0 किग्रा | सल्फर लगभग 8.5 किग्रा |
| CAN | 26-0-0 | 13.0 किग्रा | 0 | 0 | कैल्शियम |
| अमोनियम सल्फेट | 21-0-0 | 10.5 किग्रा | 0 | 0 | सल्फर लगभग 12 किग्रा |
| पोटेशियम नाइट्रेट | 13-0-45 | 6.5 किग्रा | 0 | 22.5 किग्रा | – |
| 19:19:19 | 19-19-19 | 9.5 किग्रा | 9.5 किग्रा | 9.5 किग्रा | – |
| 20:20:20 | 20-20-20 | 10.0 किग्रा | 10.0 किग्रा | 10.0 किग्रा | – |
| 10:26:26 | 10-26-26 | 5.0 किग्रा | 13.0 किग्रा | 13.0 किग्रा | – |
| 12:32:16 | 12-32-16 | 6.0 किग्रा | 16.0 किग्रा | 8.0 किग्रा | – |
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