उपसंचालक का स्वागत किया
उज्जैन। उज्जैन के उप संचालक कृषि के पद पर खरगोन जिले से स्थानांतरित होकर आये नवागत उप संचालक कृषि श्री सी.एल. केवड़ा के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर उज्जैन जिला, जिला खाद, बीज, दवाई विक्रेता संघ के अध्यक्ष लेखराज
उज्जैन। उज्जैन के उप संचालक कृषि के पद पर खरगोन जिले से स्थानांतरित होकर आये नवागत उप संचालक कृषि श्री सी.एल. केवड़ा के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर उज्जैन जिला, जिला खाद, बीज, दवाई विक्रेता संघ के अध्यक्ष लेखराज
रामसिंह पटेल, धार समाधान- अनार एक प्राचीन फल है इसका रस लाभकारी होता है तथा स्वास्थवर्धक होता है। आप भी अनार लगायें। शासन द्वारा भी अनार लगाने के लिये अनुदान की पात्रता है। आप अपने जिले के उपसंचालक उद्यानिकी से
मुंबई। महिंद्रा एंड महिंद्रा लि. की सहायक कंपनी महिंद्रा एग्री सॉल्यूशंस लि. और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लि. ने कृषि संबंधित मूल्य जानकारी प्रदान करने के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जानकारी महिंद्रा के हाल ही
सुधीर पारे, बड़वानी समाधान– कुल्थी झाबुआ जिले की प्रमुख खरीफ फसल है। मक्का के बाद इसका क्षेत्र अलग है। आमतौर पर इसकी काश्त पशुओं के चारे के हिसाब से की जाती है। कृषि विज्ञान केन्द्र झाबुआ में इसकी जातियों पर
घनश्यामदास, वारासिवनी समाधान– कटहल को आप लगा सकते हैं। यह एक लम्बी अवधि का पौधा होता है इस कारण उसको लगाने के लिए भूमि का चयन भी सोच – समझकर करना चाहिए। आप निम्न बिन्दुओं पर ध्यान दें- यह सभी
भोपाल। प्रदेश के किसानों को रबी 2017-18 में खाद की कमी से बचाने तथा जरूरत के मुताबिक समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए म.प्र. शासन कृषि विभाग ने उर्वरक अग्रिम भण्डारण योजना के तहत लक्ष्य जारी कर दिए हैं।
भोपाल। राज्य शासन द्वारा भाप्रसे के 9 अधिकारी की नवीन पदस्थापना आदेश जारी किये गये। प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति श्री के.सी. गुप्ता को प्रमुख सचिव सहकारिता तथा प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी को प्रमुख सचिव पशुपालन बनाया गया
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के 1 जुलाई से लागू होने के बाद इसका असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। फॉस्फेट आधारित उर्वरक बनाने में काम आने वाले कच्चे माल पर नई कर व्यवस्था लागू होने से इसकी लागत
नई दिल्ली। देश में धान फसल ने रफ्तार पकड़ ली है। 4 अगस्त की स्थिति के मुताबिक 280 लाख हेक्टेयर में धान की बोनी हो गई है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 266.93 लाख हेक्टेयर में धान की बोनी
भोपाल। 3 वर्ष में 155 करोड़ का टर्न ओवर कर किसानों की आकांक्षा को पूरा करने के लिए बनी ऐसी संस्था नायाब है। अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़कर संगठित होकर व्यवस्था को सुधारा जा सकता है। ये विचार मध्य भारत कंसोर्टियम