बेल लगाएं धन कमाएं
जलवायु :- बेल एक उपोष्ण जलवायु का पौधा है, फिर भी इसे उष्ण जलवायु में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। इसकी ख्ेाती समुद्र तल से 1200 मीटर ऊँचाई तक और 7-46 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान तक की जा सकती है।
जलवायु :- बेल एक उपोष्ण जलवायु का पौधा है, फिर भी इसे उष्ण जलवायु में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। इसकी ख्ेाती समुद्र तल से 1200 मीटर ऊँचाई तक और 7-46 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान तक की जा सकती है।
भूमि व जलवायु तरबूजे के लिये अधिक तापमान वाली जलवायु सबसे अच्छी होती है। गर्म जलवायु अधिक होने से वृद्धि अच्छी होती है। ठंडी व पाले वाली जलवायु उपयुक्त नहीं होती। अधिक तापमान से फलों की वृद्धि अधिक होती है।
बाजरे की मदुरोमिल आसिता या हरित बाली रोग:रोगजनक : यह एक मृदोढ़ रोग है। इसका रोगकारक स्क्लेरोस्पोरा ग्रैमिनिकॉला नामक कवक है।लक्षण:दोनों सर्वांगी और स्थानीय संक्रमण होते हैं। मिट्टी जनित बीजाणु युवा पौध में सर्वांगी संक्रमण करते है। रोग के विशिष्ट
नॉन स्टेबिलिस्ड ब्राण्ड निर्माताओं पर संकट संभावित नई दिल्ली। उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार के निर्णय के अनुसार सुपर फास्फेट उर्वरक अब केवल निर्माता कम्पनी के ब्राण्ड में ही बेचा जा सकेगा। इस पर मिलने वाली उर्वरक सब्सिडी भी केवल निर्माता
मध्य प्रदेश के जनसंपर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने गत दिनों कृषक जगत द्वारा प्रकाशित डायरी 2018 का विमोचन किया। इस अवसर पर कृषक जगत के संपादक सुनील गंगराड़े, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी एवं अपर
कौंसिल की 25वीं बैठक में निर्णय नई दिल्ली। जीएसटी कौंसिल की 25वीं बैठक में किसानों के लिये कुछ राहत भरे निर्णय लिये गये। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में हुई बैठक में नई वस्तुओं पर लागू जीएसटी/
पन्ना। पन्ना नगर के टिकुरिया मोहल्ला निवासी विवेक खरे डेयरी व्यवसाय से रोजाना 1500 रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। विवेक को पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना में स्थापित डेयरी इकाई के बारे में जानकारी
झाबुआ। ग्राम रायपुरिया, विकासखण्ड पेटलावद जिला झाबुआ में खेती के लिये पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं रहता था। इस कारण गेहूँ और चना की पारम्परिक खेती कर रहे युवा किसान ओमप्रकाश पाटीदार हमेशा चिन्तित रहते थे। उन्होंने कृषि विभाग
कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के डॉं. बी. एस. किरार, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉं. आर.के. जायसवाल एवं डॉ. आर.पी. सिंह वैज्ञानिकों द्वारा विगत दिवस जनवार में सब्जी उत्पादक कृषकों लखनलाल कुशवाहा, मनमोहन कुशवाहा, लक्ष्मणदास सुखरमानी, लक्ष्मी कुशवाहा आदि के खेतों
समाधान- आंवला एक उपयोगी फल है। जिसे साधारण जमीन में भी लगाया जा सकता है। आप भी आंवला निम्न तकनीकी अपनाकर लगायें। जातियों में हिसार फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, महेन्द्रगढ़, रिवाडी, बनारसी, चकई या कंचन इत्यादि। मई-जून में 3&3&3 फुट लम्बे,