समस्या – समाधान (Farming Solution)

समस्या – समाधान (Farming Solution) में विभिन्न फसलों के लिए किसानों की समस्याओं के जवाब, कृषि संबंधी समाधान, पौधों की सुरक्षा, बीज का चयन, बुआई और खेती कैसे करें शामिल हैं। समस्या – समाधान (Farming Solution) में बीज उपचार, खरपतवार नियंतरण, रोगोन और संक्रमण से सुरक्षा आदि भी शामिल हैं। इसमें कीट और रोग संलग्न, सिंचाई समस्या, मौसम संबंधी समस्याएं, मिट्टी जनित रोग संबंधी समस्याएं, बीज चयन, उर्वरक खुराक सुधार से संबंधित समस्याएं भी शामिल हैं। इसमें गेहूं, सोयाबीन, चना, धान, बासमती जैसी फसलें और आम, सेब, पपीता, अमरूद, बिंदी, भिंडी, टमाटर, प्याज, फूलगोभी, मटर, ड्रैगन फ्रूट, तोरी आदि फल और सब्जियां (बागवानी फसलें) शामिल हैं। इसमें कीटों और बीमारियों के लिए कृषि रसायनों की सही खुराक और उर्वरक अनुप्रयोग के लिए सही खुराक भी शामिल है।

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समस्या- सोयाबीन में बीजोपचार का क्या कोई लाभ है?

– रमेश वर्मा, विदिशा समाधान – अधिकांश किसान सोयाबीन की खेती वर्षों से एक ही खेत में करते चले आ रहे हैं। लगातार खेती होने के कारण सोयाबीन के खेतों में सोयाबीन फसल के रोगों के जीवाणु, फफूंद भी भूमि

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समस्या – सोयाबीन के बीजों में बुआई पूर्व कई प्रकार के बीजोपचार के रोग होते हैं कौन सा कब करना होगा बतायें।

– छन्नू लाल, लखनादौनसमाधान- सोयाबीन के बीजों पर कम से कम 10-15 प्रकार की फफूंदी रहती है। जिनको समाप्त करना जरूरी होता है ताकि अच्छा अंकुरण मिल सके। आप निम्न करें।  सबसे पहले बीज की छंटाई/छनाई करके अच्छा बीज निकालें।

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समस्या- क्या बीजोपचार के लिये ट्रायकोडर्मा का उपयोग भी लाभकारी है।

– प्रकाश चंद्र गुप्ता, सागर समाधान – वर्तमान में ट्राईकोडर्मा विरडी का उल्लेख एवं अंगीकरण गति पकडऩे लगा है। वास्तविकता यह है कि ट्राईकोडर्मा द्वारा बीज के उपचार से एक से अधिक लाभ हैं। जैसे बीज की बाहरी सतह पर

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समस्या- गम ग्वार के बारे में विस्तार से जानकारी प्रकाशित करने की कृपा करें

– योगेश धाकड़ समाधान – ग्वार गम (गंवार/चतुरफली) के विषय में मालवा/निमाड़ क्षेत्रों से कृषकों के पत्र/फोन आ रहे हैं। ग्वार एक सब्जी फसल के साथ-साथ बहुउपयोगी फसल भी है। पड़ोस के प्रांत राजस्थान में इसकी खेती बहुत होती है।

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समस्या- तिल की बुआई कब-कब की जा सकती है। उन्नत जाति तथा खाद/उर्वरक कितना डालें।

– सुरेश सोनी, उमरिया समाधान- आपने तिल की बुआई के विषय में जानकारी चाही है। हम आपको बता दें कि तिल सामान्य रूप से खरीफ, रबी और जायद में भी लगाई जा सकती है। खरीफ की तिल जुलाई में, रबी

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समस्या- हमारे यहां कामलिया कीट के आक्रमण से बहुत हानि होती है इसकी रोकथाम के लिये कोई जैविक दवा बताएं।

– रामभरोसे सेन, धार समाधान- कामलिया कीट सामान्य रूप से हर वर्ष आता है फसलों को नुकसान पहुंचाता है के विषय में आपने जैविक नियंत्रण के लिये दवा पूछी है जैविक कीटनाशी सफलता से इस कीट का नियंत्रण करता है

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समस्या – मैं बाजरा लगाना चाहता हूं कृपया तकनीकी बताएं।

– घनश्याम राठौर, भिंड समाधान – बाजरा एक पौष्टिक तथा सूखा सहनशील फसल है जो राजस्थान, पंजाब, गुजरात, उत्तरप्रदेश तथा मध्यप्रदेश में पैदा की जाती है। आप निम्न बिंदुओं पर ध्यान दें। – खेत की तैयारी अन्य खरीफ फसलों की तर्ज

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समस्या- मैंने मिर्च लगाई थी लाल होने पर उसका भंडारण कैसे करें तथा बीज का भंडारण कैसे करें, कृपया बतायें।

– पराग बैरागी, खरगौन समाधान – आपका क्षेत्र मिर्च उत्पादन के लिये प्रख्यात है सूखी लाल मिर्च भी वहां मंडी में मिलती है आपको इसके भंडारण के लिये निम्न कार्य करना होंगे। – मिर्च फसल पकने लगे तो उसकी तुड़ाई 8-10

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समस्या – आम मालफार्मेशन के प्रमुख लक्षण तथा कारण बतायें।

– सुरेश मालवीय, परासिया समाधान – आम मालफार्मेशन के बारे में वर्तमान तक कारण विशेष की जानकारी की पुष्टी नहीं हो सकी है। यह बीमारी उत्तरी भारत, विशेषकर पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश में अधिक होती है। इन स्थानों पर 50 प्रतिशत

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समस्या – गर्मियों में लगाई जाने वाली फसलों के बारे में जानकारी दें जो कम पानी में अधिक उत्पादन दे सके। ओलावृष्टि से फसल के नुकसान का मुआवजा कब मिलेगा।

शिव कुमार तिवारी, टीकमगढ़समाधान – रबी की फसल काटने के बाद सिंचाई साधन उपलब्धि की स्थिति में जायद (ग्रीष्मकाल) में मूंग, उड़द, लोबिया, भिंडी और अन्य कद्दूवर्गीय फसल लगा सकते है। कृषक जगत में दिसम्बर माह के अंकों से लेकर

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