संपादकीय (Editorial)

संपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।

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अब नए दौर में मध्यप्रदेश के किसान

अब नए दौर में मध्यप्रदेश के किसान इस संशोधन से होगा किसान को फायदा इस संशोधन का सीधा फायदा किसान को होगा। अब उसे अपने उत्पादन का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सकता है। इसके लिए उसे अब मंडियों के

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परिवार की तरह मानते थे दफ्तर के स्टाफ को स्व एल के जोशी जी

परिवार की तरह मानते थे दफ्तर के स्टाफ को स्व एल के जोशी जी आय एस अफसर श्री ललित कुमार जोशी मध्य प्रदेश में वर्षों पदस्थ रहे । बस्तर, छतरपुर,जबलपुर,भोपाल और दिल्ली में अधिक पदस्थ रहे।जनसंपर्क विभाग में उनका कार्यकाल

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हर व्यक्ति इम्युनिटी पावर बढ़ाने रोज़ाना पिए आयुर्वेदिक काढ़ा : मुख्यमंत्री श्री चौहान

हर व्यक्ति इम्युनिटी पावर बढ़ाने रोज़ाना पिए आयुर्वेदिक काढ़ा : मुख्यमंत्री श्री चौहान भोपाल : सोमवार, अप्रैल 27, 2020,मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकट के इस दौर में आवश्‍यक है कि हर व्यक्ति की रोग

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मध्य प्रदेश में फसल बीमा का असल सच क्या ?

– विनोद शाह मप्र में फसल बीमा का असल सच क्या ? किसानों के नाम पर फ़रेब की फ़सलविनोद शाह पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ कहते थे कि उनके द्धारा प्रधानमंत्री फ़सल बीमा का राज्यांश जमा किया गया, लेकिन केन्द्र का

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कोरोना वायरस: आयुष मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइंस

कोरोना वायरस: आयुष मंत्रालय के मुताबिक, “हम सभी जानते हैं कि इलाज से बेहतर रोकथाम है. अभी तक चूंकि कोविड-19 के लिए कोई दवा नहीं है तो अच्छा होगा कि ऐसे एहतियाती कदम उठाए जाए जो इस वक्त में हमारी

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क्या इतिहास से सबक सीखकर बन सकेगा, जलाधिकार कानून ?

राइट टू वाटर यानि ‘जलाधिकार कानून’ के तहत मध्यप्रदेश सरकार की कोशिश है कि करीब एक करोड़ प्रदेशवासियों के घर तक नल के माध्यम से पानी पहुँचाया जाए। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक तैयारी कर रही है। कहा जा रहा

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मिश्रित खेती बनाम मुनाफे की खेती

मिश्रित खेती का इतिहास हमारी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। सदियों से कृषि और पशुपालन की प्रथा चली आ रही है और उसके महत्व से भी सभी परिचित है। खेती के साथ पशुपालन करना एक-दूसरे से जुड़ा हुआ था क्योंकि

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रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग और अपनी मेहनत से प्राप्त किया लक्ष्य

भोपाल। अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किसान हमेशा लगन और मेहनत से खेती करता है लेकिन तकनीकी जानकारी के अभाव के कारण उसको अपना उत्पादन लागत की तुलना में उतना नहीं मिल पाता। लेकिन जब किसान एक नवाचार किसान

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अनाज भंडारण के हानिकारक कीट – बचाव

फसल के कटाई के बाद सबसे जरूरी काम अनाज भंडारण का होता है। अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए वैज्ञानिक विधि अपनाने की जरूरत होती है, जिससे अनाज को लंबे समय तक चूहे, कीट, नमी, फफूंद आदि से बचाया जा

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कटाई – गहाई, भंडारण

चार-पांच माह मौसम के कारण कशमकश के बीते आज खेतों में हंसिया लगने का समय सामने है। कटाई,गहाई, भंडारण को किसी उपन्यास का सुखद या दुखद अंत माना जाये तो गलत नहीं होगा। सुखद इसलिये कि कटाई/गहाई के बाद अनाज

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