संपादकीय (Editorial)

संपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।

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गेंहूँ की रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद

बेमौसम बारिश, ओले और बढ़ते कोरोना के बावजूद शशिकांत त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार मो.: 98933 55391 9 अप्रैल 2021, भोपाल । गेंहूँ की रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद – बेमौसम बारिश, बढ़ते कोरोना संक्रमण के बावजूद इस वर्ष फिर मध्य प्रदेश में

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खेत की तैयारी में मशीनें मददगार

8 अप्रैल 2021, भोपाल ।  खेत की तैयारी में मशीनें मददगार – प्रकृति की आंख मिचौली के बीच-बचते बचाते आखिर रबी फसलों की कटाई-गहाई, भण्डारण का उपसंहार चल रहा है। अच्छे परिणाम की स्थिति स्पष्ट नजर आ रही है। खेती

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कृषि की राह में कारपोरेट रोड़े

भारत डोगरा 25 मार्च 2021, भोपाल । कृषि की राह में कारपोरेट रोड़े – आज विश्व स्तर पर यह जरूरत महसूस की जा रही है कि कृषि नीति छोटे किसानों के हितों के अनुरूप हो व उनके खर्च और कर्ज

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खेत – खलिहान से भण्डारण तक

25 मार्च 2021, भोपाल । खेत – खलिहान से भण्डारण तक – प्रकृति के उलटफेर अतिरेक के बावजूद रबी फसलों के उत्पादन पर कोई विशेष असर नहीं होगा। अतिरेक की सीमा सीमित है और लहलहाती फसलों का क्षेत्र अपार आंकड़े,

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खेतों की तैयारी भी जरूरी

15 मार्च 2021, भोपाल । खेतों की तैयारी भी जरूरी – खेती एक सतत क्रिया है। कहावत है ‘खेती आप सेती’ मतलब खेती किसी संदेश या खबर पर नहीं की जा सकती है, खेती स्वयं को करना पड़ता है। खेती

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सिर्फ रौंदने के लिए नहीं है ‘घास’

संजय सिंह 15 मार्च 2021, भोपाल । सिर्फ रौंदने के लिए नहीं है ‘घास’ – घास और मिट्टी का संबंध परस्पर पूरक है, इसलिए हरी घास को धरती का श्रृंगार कहा गया है। घास एक बीज-पत्री हरा पौधा है जिसमें

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अब भी बचाई जा सकती है ‘धरती ‘

8 मार्च, 2021, भोपाल । अब भी बचाई जा सकती है ‘धरती ‘ – हमारी समकालीन दुनिया का सबसे बड़ा संकट, जिसमें पृथ्वी का संपूर्ण जीवन ही दांव पर लगा है, निश्चित रूप से पारिस्थितिक और पर्यावरणीय संकट है। इस

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परसी थाली चूहों से बचाएं

8 मार्च 2021, भोपाल । परसी थाली चूहों से बचाएं – वर्तमान में खेतों में रबी फसलें विशेषकर गेहूं कटाई के लिये तैयार हो रहा है और यही वक्त है कि चूहों की फौज जो कि खेतों में रात्रिकाल में

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केन्द्रीय बजट और किसान

डॉ. भागचन्द्र जैनप्राध्यापक (कृषि अर्थशास्त्र)इंदिरा गांधी कृषि विश्व विविद्यालय, कृषि महाविद्यालय, रायपुर ‘कृषिरेव महालक्ष्मी:’ अर्थात् कृषि ही सबसे बड़ी लक्ष्मी है। भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि कहलाती है। भारत विकासशील देश है। भारत सबसे बड़ा गेहूं और दूध उत्पादक देश

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धान-गेहूं फसल चक्र या चक्रव्यूह

1 मार्च, 2021, भोपाल । धान-गेहूं फसल चक्र या चक्रव्यूह – खेती में फसल चक्र का महत्व आदिकाल से जाना जा रहा है। उससे मिलने वाले लाभ से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। परंतु लाभकारी खेती की अंधी

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