नगदी फसल अदरक लगायें
भूमि की तैयारी– अदरक की खेती सभी प्रकार की जीवांश युक्त एवं उचित जल निकास वाली भूमियों में की जा सकती है, किन्तु हल्की रेतीली अथवा दोमट जिसमें जल निकास की उचित व्यवस्था हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंफसल की खेती (Crop Cultivation) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। गेहूं, धान, सोयाबीन, मक्का, चना, सरसों, कपास, दालों और तिलहनी फसलों की उन्नत खेती, बुवाई, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण के विशेषज्ञ सुझाव पढ़ें।
भूमि की तैयारी– अदरक की खेती सभी प्रकार की जीवांश युक्त एवं उचित जल निकास वाली भूमियों में की जा सकती है, किन्तु हल्की रेतीली अथवा दोमट जिसमें जल निकास की उचित व्यवस्था हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंयोजना में 20 जिले शामिल भोपाल। प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में लहसुन उत्पादकों के पंजीयन 15 मार्च से 31 मार्च तक होगा। पंजीयन के संबंध में प्रदेश के 20 जिलों के कलेक्टरों को प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विभाग
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंभोपाल। बैरसिया ब्लाक के ग्राम बरखेड़ा बरामद के किसान श्री अभय सिंह जागरूक किसान है। इन्होंने अपनी 15 एकड़ जमीन में इस बार 12 एकड़ में गेहूं 3 एकड़ में चना बोया है। उन्हें जानकारी हुई कि रेडियो पर रिलायंस
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंस्वराज 963 एफई लाँच किया मोहाली। महिन्द्रा ग्रुप की इकाई, स्वराज ट्रैक्टर्स ने आज 60 एचपी से 75 एचपी तक की रेंज में उच्च शक्तिवर्ग में बिल्कुल नया ट्रैक्टर प्लेटफॉर्म लांच किया। इस प्लेटफॉर्म पर आधारित ट्रैक्टरों को एक निर्धारित
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंभूमि की तैयारी:दो या तीन बार हल या बखर से जुताई कर खेत अच्छी तरह तैयार करना चाहिए तथा पाटा चलाकर खेत को समतल बना लेना चाहिये। दीमक से बचाव हेतु क्लोरोपायरीफॉस चूर्ण 20 किग्रा प्रति हेक्टर की दर से
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंनीबू वर्गीय फसल उष्ण उपोष्ण कटिबंधीय देशों की महत्वपूर्ण फसल है। ये फल विटामिन सी, शर्करा, अमीनो अम्ल एवं अन्य पोषक तत्वों के सर्वोत्तम स्रोत होते हैं। नीबू वर्गीय फसलों में अनेक प्रकार की बीमारियां होती हैं जो कि इन
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंजलवायु पपीते की अच्छी खेती गर्म नमी युक्त जलवायु में की जा सकती है। इसे अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस से 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होने पर उगाया जा सकता है। न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस से कम नहीं होना चाहिए।
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंउत्तम किस्में : पूसा ए-4, पंजाब-7, अर्का अभय, अर्का अनामिका, वर्षा उपहार, हिसार उन्नत, वी.आर.ओ.-6 बीज की मात्रा व बुआई का तरीका : ग्रीष्म ऋतु के लिए 18 से 20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तथा खरीफ हेतु के लिए 10 से
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंकृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के डॉं. बी.एस.किरार, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख द्वारा विगत दिवस ग्राम इटौरी वि.ख. गुनौर में चना फसल में कीट प्रबंधन पर कृषकों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में डॉ. किरार ने बताया कि चना फसल को मुख्य
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंआंवला एक फल देने वाला वृक्ष है। यह करीब 20 फीट से 25 फीट लम्बा झाड़ीदार वृक्ष होता है। भारत की जलवायु आंवले की खेती के उपयुक्त मानी जाती है। भारत में मुख्य रूप से आंवले की खेती उत्तर प्रदेश,
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