बीजामृत (बीज अमृत) बनाने की विधि
10 जून 2022, भोपाल । बीजामृत (बीज अमृत) बनाने की विधि – किसान मित्रों! बुवाई करने से पहले बीजों का संस्कार अर्थात् संशोधन करना बहुत जरूरी है। इसके लिए जीवामृत बहुत ही उत्तम है। जीवामृत की भांति ही बीजामृत में
फसल की खेती (Crop Cultivation) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। गेहूं, धान, सोयाबीन, मक्का, चना, सरसों, कपास, दालों और तिलहनी फसलों की उन्नत खेती, बुवाई, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण के विशेषज्ञ सुझाव पढ़ें।
10 जून 2022, भोपाल । बीजामृत (बीज अमृत) बनाने की विधि – किसान मित्रों! बुवाई करने से पहले बीजों का संस्कार अर्थात् संशोधन करना बहुत जरूरी है। इसके लिए जीवामृत बहुत ही उत्तम है। जीवामृत की भांति ही बीजामृत में
अंजली सिंह एमएससी (प्रसार शिक्षा एवं संचार प्रबंधन विभाग) पंकज कुमार, एम.एस.सी. (कृषि प्रसार) चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी वि.वि., कानपुर अमन कुमार मौर्य, एमएससी (उद्यान, फल विभाग) स्नेहा सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, उद्यान विज्ञान विभाग आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं
हेमू शनिशरे, नरेंद्र सिंह चंदेल योगेश राजवाड़े , कोंगा उपेंदर भाकृअनुप-केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल 9 जून 2022, खरपतवार नियंत्रण और उत्पादकता में सुधार के लिए ग्रीष्मकालीन जुताई – भारत एक कृषि प्रधान देश है। भारत की बड़ी आबादी कृषि
भारत में मजबूत और गतिशील बीज क्षेत्र – 2 डॉ. कुन्तल दास, वरिष्ठ विशेषज्ञ, बीज प्रणाली और उत्पाद प्रबंधन (चावल प्रजनन नवाचार मंच), अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र, वाराणसी (उप्र) 9 जून 2022, भारत में बीज क्षेत्र
8 जून 2022, इंदौर । सोयाबीन कृषकों के लिए इस सप्ताह उपयोगी सलाह – भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान, इंदौर ने आगामी खरीफ सत्र में सोयाबीन उत्पादक किसानों को चालू सप्ताह के लिए उपयोगी सलाह दी है , जो इस प्रकार
7 जून 2022, इंदौर । प्राकृतिक खेती के लिये अधिक किसानों को तैयार करें – कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने आज सम्पन्न हुई समय-सीमा के पत्रों के निराकरण (टी.एल.) तथा अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में निर्देश दिये कि जिले में
7 जून 2022, नई दिल्ली । जानिए धान के ‘मूर्ख अंकुर’ रोग के बारे में जिसे बकाने रोग भी कहा जाता है – जापानी भाषा में ‘बकाने’ शब्द का अर्थ मूर्खता है। बकाने रोग धान की फसल का एक रोग
6 जून 2022, नई दिल्ली । खरीफ फसलों के लिए बनाए उच्च गुणवत्ता जीवामृत – खरीफ की बुवाई का समय नजदीक आ रहा है। जून महीने के मध्य तक मानसून आ सकता है। किसान भाई फसल बोने की तैयारी कर
बिना लागत वाली… 3 जून 2022, इंदौर । सुबबूल की खेती में किसानों का भविष्य सुरक्षित –किसान कोई भी खेती करे उसमें लागत तो आती ही है, साथ ही प्राकृतिक प्रकोप और अन्य कारणों से यदि फसल प्रभावित होती है
वर्ष 2021 के दौरान अधिसूचित डॉ. बी. यू. दुपारे ,डॉ. मृणाल कुचलन डॉ. पूनम कुचलन ,डॉ. एस.डी. बिल्लौरे भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, खंडवा रोड, इंदौर (मप्र)ईमेल: soyextn@gmail.com 3 जून 2022, सोयाबीन की 15 नई किस्में – सोयाबीन न केवल मध्य