रबी का आगमन
रबी का आगमन – खरीफ मौसम समाप्ति पर है और एक बार फिर हम रबी की देहली•ा पर खड़े हैं। आंशिक क्षेत्रों को छोड़कर कुल मिलाकर मानसून की स्थिति ठीक ही रही। सितम्बर माह की वर्षा से खरीफ-रबी फसल दोनों
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंफसल उत्पादन (Crop Cultivation) उन्नत तकनीकें
नवीनतम फसल खेती जानकारी यहाँ उपलब्ध है। आधुनिक कृषि पद्धतियां और Crop Cultivation नवाचार अपनाएं। बुआई समय तथा वैज्ञानिक बीज उपचार तकनीकें उपज बढ़ाती हैं। खरपतवार नियंत्रण, रोग प्रबंधन और कीट सुरक्षा उपाय फसल पैदावार हेतु आवश्यक हैं।
यह खंड गेहूं उत्पादन, चना खेती, मूंग, सोयाबीन, धान तथा मक्का जैसी अनाज फसलों पर केंद्रित है। आलू, कपास, जीरा, प्याज और टमाटर की नई किस्में यहाँ देखें। फसल कीट नियंत्रण और रोग नियंत्रण विशेषज्ञ सलाह यहाँ प्राप्त करें। Crop Cultivation प्रक्रिया में सोयाबीन, गेहूं और धान बीज उपचार अनिवार्य है।
मशरूम खेती, जिमीकंद और औषधीय फसल उत्पादन जानकारी यहाँ संकलित है। जुकिनी, ड्रैगन फ्रूट, बैंगन तथा टमाटर खेती के वैज्ञानिक गुर सीखें। आम, नींबू, अमरूद, पपीता और लहसुन खेती की हर बारीकी यहाँ उपलब्ध है। पूसा अरहर-16 तथा सरसों उन्नत किस्में (स्टार एग्रीसीड्स) अधिक लाभ देती हैं। अफीम खेती कानूनी प्रक्रिया और लाइसेंस जानकारी इस Crop Cultivation गाइड में समाहित है।
रबी का आगमन – खरीफ मौसम समाप्ति पर है और एक बार फिर हम रबी की देहली•ा पर खड़े हैं। आंशिक क्षेत्रों को छोड़कर कुल मिलाकर मानसून की स्थिति ठीक ही रही। सितम्बर माह की वर्षा से खरीफ-रबी फसल दोनों
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें29 सितंबर 2020, इंदौर। अजीत-199 ने बढ़ाई अच्छे कपास उत्पादन की उम्मीद – भारत की प्रमुख बीज कम्पनी अजीत सीड्स प्रा. लि.अनुसंधान आधारित कम्पनी है, जो अपने शोध के माध्यम से किसानों को उत्कृष्ट किस्म के बीज उपलब्ध कराती है.
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंशाही अनाज राजगिरा – यह पौष्टिकता के मामले में कई अनाजों से बेहतर है। गेहूं व चावल में जितनी प्रोटीन, कैल्शियम, वसा व आयरन की मात्रा पाई जाती है, उससे ज्यादा राजगिरा में होती है। राजगिरा में दूध के मुकाबले
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंचने की नई किस्म जे.जी. 12 का बीज उपलब्ध – कृषि विज्ञान केन्द्र, टीकमगढ़ में सीड हब कार्यक्रम के अन्तर्गत चना की नई किस्म (जे.जी.-12) अधिक उत्पादन क्षमता (22-25 क्विं./हे.) एवं उकठा निरोधक किस्म है। वैज्ञानिकों ने क्षेत्र में किसानों
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें15 सितंबर 2020, इंदौर। काशीनंदिनी ‘सुधारेगी किसानों की आर्थिक दशा – किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए भारतीय सब्जी अनुसन्धान केंद्र , वाराणसी ने मटर की अगेती किस्म ‘काशीनंदिनी’ विकसित की है. यह किस्म किसानों की आर्थिक
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंमटर की वैज्ञानिक खेती – मटर एक महत्वपूर्ण दलहनी फसल है। इसका प्रयोग सब्जी एवं दाल के रूप में किया जाता है। सब्जी वाली मटर के ताजे हरे दानों से अनेक प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं और इन
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंआलू उत्पादन की उन्नत तकनीकी – मप्र में आलू फसल सब्जी के रूप में उगाई जाने वाली एक मुख्य फसल है। अन्य फसलों जैसे- गेहंू, धान एवं मक्का फसलों की तुलना में आलू में अधिक शुष्क पदार्थ खाद्य प्रोटीन एवं
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंमूंग की एम.एच.- 421 मोजेक प्रतिरोधक – कृषि विज्ञान केन्द्र, आबूसर-झुन्झुनूं द्वारा ग्राम-खांगा का बास में मूंग फसल प्रदर्षन पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। ग्राम-खांगा का बास में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिषन-दलहन के तहत् 11 किसानों के खेत
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंमौसमी फूलों की खेती – आज के व्यस्त जीवन में पुष्प वाटिका में विभिन्न प्रकार के पुष्पों को उगाकर मानसिक शांति प्राप्त की जा सकती है। इन पौधों को क्यारियों, गमलों, बरामदों, टोकरियों एवं खिड़कियों में सुगमता से उगाया जा
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसब्जी उत्पादन का विकास लाभकारी खेती का आईना – कृषि को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में सब्जी उत्पादन का महत्व आज की स्थिति में बहुत बढ़ गया है। भारत एक शाकाहारी प्रधान देश है जिसमें सब्जियों के द्वारा
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