प्राकृतिक खेती देखने पहुंचे अधिकारी
महत्वपूर्ण खबर: देश में जीआई टैग की संख्या 432 तक पहुंची
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंफसल की खेती (Crop Cultivation) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। गेहूं, धान, सोयाबीन, मक्का, चना, सरसों, कपास, दालों और तिलहनी फसलों की उन्नत खेती, बुवाई, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण के विशेषज्ञ सुझाव पढ़ें।
महत्वपूर्ण खबर: देश में जीआई टैग की संख्या 432 तक पहुंची
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंगेहूं किसानों को वैज्ञानिक सलाह महत्वपूर्ण खबर: एमपी फार्मगेट एप से किसानों को उपज बेचना हुआ आसान
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें14 दिसम्बर 2022, नई दिल्ली: भारत सरकार: किसान 45 किलो यूरिया की बोरी के स्थान पर 500 मिली नैनो यूरिया बोतल का प्रयोग करें – भारत सरकार की अवर सचिव सुश्री निर्मला देवी गोयल द्वारा जारी एक नोटिस में उल्लेख किया गया है कि उर्वरक कंपनियों
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें12 दिसम्बर 2022, नई दिल्ली: गेहूं की ताप प्रतिरोधी किस्म DBW187 और DBW222 – जहां तक गर्मी सहने की बात है तो गेहूं की किस्मों DBW187 और DBW222 को HD-3086 से बेहतर पाया गया है। गत रबी मौसम 2021-22 के
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें12 दिसम्बर 2022, भोपाल: अधिक उपज देने वाली बासमती चावल की किस्में – लघु अवधि याने कम दिन में पकने वाली किस्मों (SDV) की खेती धान की खरीफ कटाई और रबी में गेहूं की बुवाई के बीच एक विस्तारित खिड़की
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें10 दिसम्बर 2022, भोपाल: गेहूं की विभिन्न अवस्थाओं में सिंचाई से होता है फायदा – रबी फसलों में गेहूँ को ही सबसे अधिक सिंचाई से फायदा होता है। देशी उन्नत जातियों अथवा गेहूँ की ऊंची किस्मों की जल की अवश्यकता
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें10 दिसम्बर 2022, भोपाल: गेहूं में उर्वरकों की मात्रा एवं उनका प्रयोग – गेहूं उगाये जाने वाले ज्यादातर क्षेत्रों में नत्रजन की कमी पाई जाती है। फास्फोरस तथा पोटाश की कमी भी क्षेत्र विशेष में पाई जाती है। पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें10 दिसम्बर 2022, भोपाल: गेहूं में गंधक (Sulphur) की कमी को दूर करें – गंधक (Sulphur) की कमी को दूर करने के लिये गंधक युक्त उर्वरक जैसे अमोनियम सल्फेट अथवा सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग अच्छा रहता है। जस्ते की कमी वाले क्षेत्रों में जिंक
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें10 दिसम्बर 2022, भोपाल: गेहूं में पौध संरक्षण – गेहूं की फसल में बथुआ, कडबथुआ, कडाई, जंगली पालक, सिटिया घास/गुल्ली डंडा, प्याजी जंगली जई आदि खरपतवार पाये जाते हैं। इनके उन्मूलन के लिये कस्सी/ कसोला से निराई गुड़ाई करें। अधिक मात्रा में
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंमहत्वपूर्ण खबर: 6 जिलों में पान खेती को बढ़ावा देने सरकार दे रही अनुदान
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