फसल की खेती (Crop Cultivation)

नवीनतम फसल की खेती (Crop Cultivation) की जानकारी और कृषि पद्धतियों में नवाचार, बुआई का समय, बीज उपचार, खरपतवार नियन्तारन, रोग नियन्तारन, कीटो और संक्रमण से सुरक्षा, बीमरियो का नियन्तारन। गेहू, चना, मूंग, सोयाबीन, धान, मक्का, आलू, कपास, जीरा, अनार, केला, प्याज़, टमाटर की फसल की खेती (Crop Cultivation) की जानकारी और नई किस्मे। गेहू, चना, मूंग, सोयाबीन, धान, मक्का, आलू, कपास, जीरा, अनार, केला, प्याज़, टमाटर की फसल में कीट नियंतरण एवं रोग नियंतरण। सोयाबीन में बीज उपचार कैसे करे, गेहूँ मैं बीज उपचार कैसे करे, धान मैं बीज उपचार कैसे करे, प्याज मैं बीज उपचार कैसे करे, बीज उपचार का सही तरीका। मशरुम की खेती, जिमीकंद की खेती, प्याज़ की उपज कैसे बढ़ाए, औषदि फसलों की खेती, जुकिनी की खेती, ड्रैगन फ्रूट की खेती, बैंगन की खेती, भिंडी की खेती, टमाटर की खेती, गर्मी में मूंग की खेती, आम की खेती, नीबू की खेती, अमरुद की खेती, पूसा अरहर 16 अरहर क़िस्म, स्ट्रॉबेरी की खेती, पपीते की खेती, मटर की खेती, शक्ति वर्धक हाइब्रिड सीड्स, लहसुन की खेती। मूंग के प्रमुख कीट एवं रोकथाम, सरसों की स्टार 10-15 किस्म स्टार एग्रीसीड्स, अफीम की खेती, अफीम का पत्ता कैसे मिलता है?

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गेहूं में जरूरत से ज्यादा सिंचाई न करें

क्षेत्रीय केंद्र इंदौर की गेहूं किसानों को सलाह 5 जनवरी 2021, इंदौर। गेहूं में जरूरत से ज्यादा सिंचाई न करें – भा.कृ.अनु.परिषद,भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र इंदौर द्वारा गेहूं उत्पादक किसानों को सिंचाई, खाद, खरपतवार नियंत्रण एवं कीट नियंत्रण

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यूं करें गन्ने से आय में बढ़ौत्री

यूं करें गन्ने से आय में बढ़ौत्री – भारत में कृषि मे लाभ की कमी के कारण कृषि में युवाओं की रूचि में लगातार कमी देखी जा रही है। ऐसी स्तिथि में किसानों को अपनी कृषि पद्धति में आधुनिक तकनीकी

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सर्दी और पाले से फसलों को बचायें

सर्दी और पाले से फसलों को बचायें – किसानों को बढ़ती सर्दी से चिंता सताने लगी है कि फसलों को कैसे बचाये जल्द ही शीतलहर और पाले का प्रकोप दिखाई देने लगेगा। जब सर्दी चरम पर होती है तो उस

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मटर के कीट एवं रोग प्रबंधन

पर्ण सुरंगक (लीफ माइनर) पहचान एवं क्षति के लक्षण:- प्रौढ़ मक्खी चमकीली, गहरे, हरे रंग या काली होती है। इसका वक्ष काले रंग का होता है तथा किनारों पर पीले निशान होते है। अगले पंख पारदर्शक होते है। पिछले पंख

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पोषकीय सुरक्षा हेतु खाद्य फसलों का बायो फोर्टिफिकेशन

पोषकीय सुरक्षा हेतु खाद्य फसलों का बायो फोर्टिफिकेशन – आहार में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी या असंतुलित अनुपात शरीर को विभिन्न तरीकों से प्रभावित करती है जिसे दूसरे शब्दों में कुपोषण भी कहते हैं जो कि दैनिक आहार में

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सरसों को तना गलन से बचायें

रोग को कैसे पहचानें? – रोग के लक्षण तना, पत्तियों व फलियों पर देखे जा सकते हैं। लक्षण के आधार पर इसे तना गलन, श्वेत अंगमारी, तना कैंकर इत्यादि नाम दिये गये हैं। रोग के आरम्भिक लक्षण पौधे के तना

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जैविक खेती जमीन और जीवन दोनों की जरूरत

जैविक खेती जमीन और जीवन दोनों की जरूरत – खेती महंगी हो गयी है। कृषि उपकरण, बीज, खाद, पानी और मजदूर सब महंगे हो गये हैं। सरकार लाख दावा कर ले, रिजर्व बैंक की रिपोर्ट यह सच सामने लाती है

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मटर के प्रमुख कीट एवं व्याधियाँ और उनका प्रबंधन

प्रमुख रोग अल्टर नेरिया पत्ती धब्बा रोग मटर के प्रमुख कीट एवं व्याधियाँ और उनका प्रबंधन – रोकथाम : पौधों की बुवाई उचित दूरी पर करें। पानी का समुचित प्रबंधन करें खेत में अधिक पानी नहीं भरा रहे। भूमि शोधन

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अमरूद, आलू और प्याज में लगने वाले रोग और उसकी रोकथाम के उपाय

26 नवम्बर 2020, इंदौर। अमरूद, आलू और प्याज में लगने वाले रोग और उसकी रोकथाम के उपाय – किसानों को सही मार्गदर्शन देने हेतु कृषि विभाग के साथ ही उद्यानिकी विभाग भी सक्रिय है , ताकि किसानों का लागत खर्च

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धान की खेती में समन्वित प्रबंधन लाभकारी

फसलों को संतुलित आहार की आवश्यकता धान की खेती में समन्वित प्रबंधन लाभकारी – धान की फसल को अमोनियम उर्वरक एवं ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है। इच्छित फसल के लिए हरेक अवस्था में प्रति इकाई उत्पादन वृद्धि के लिए

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