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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

खरगोन जिले में प्रारंभ होंगे तीन पशुधन विकास केंद्र

29 जुलाई 2024, खरगोन: खरगोन जिले में प्रारंभ होंगे तीन पशुधन विकास केंद्र – बाएफ संस्था द्वारा  मध्य प्रदेश के 28 जिलों में 120 पशुधन विकास केन्द्रों के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान की घर पहुँच सेवाए प्रदान की जा रही है। इसी कड़ी में खरगोन जिले में तीन पशुधन विकास केन्द्र प्रारम्भ किए जाएंगे।

बाएफ लाइव्लीहुड्स द्वारा पशुओं में नस्ल सुधार के लिए अपनी निःशुल्क घर पहुँच कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का विस्तार खरगोन जिले के विकास खण्ड भीकनगांव के ग्राम अन्दड, विकास खण्ड कसरावद के ग्राम बाड़ी तथा विकास खण्ड गोगावां के ग्राम घट्टी में  आरम्भ होंगे । इन तीन केन्द्रों के माध्यम से इन केन्द्रों की परिधि में आने वाले 30 गांवों के पशुपालकों के पशुओं की नस्ल सुधार के लिए गुणवत्तायुक्त स्वदेशी एवं संकर नस्ल के पारम्परिक सीमेन एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन (90 प्रतिशत बछिया) से कृत्रिम गर्भाधान, प्रचलित बीएनएच-11 किस्म का बारहमासी  नेपियर  घास, प्रशिक्षणों के माध्यम से पशुपालकों को कौशल विकास, पशु बांझपन निवारण एवं स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, मिनरल मिक्चर का सहयोग, वत्स प्रदर्शनी कार्यक्रम तथा पशुपालन विभाग के अभिसरण से पशु टीकाकरण सह कृमि निवारण आदि की निःशुल्क सेवाएं प्रदान की जायेगी। इसी क्रम में  31 जुलाई बुधवार को ग्राम चौण्डी में दोपहर 12ः30 बजे पशुधन विकास कार्यक्रम का शुभारम्भ समारोह पशुपालकों द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक किसानों एवं पशुपालकों से उपस्थित होने का अनुरोध किया गया है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1967 में भारत में पहली बार नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान की घर पहुंच सेवा प्रदान कर इसे ग्रामीण भारत में दुग्ध उत्पादन से पशुपालकों को व्यवसाय की ओर अग्रसर करते हुए उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की है। जिससे ग्रामीण अर्थ व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई है। वर्तमान में बाएफ लाइव्लीहुड्स द्वारा प्रदेश के 28 जिलों में 120 पशुधन विकास केन्द्रों के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान की घर पहुँच सेवाए प्रदान की जा रही है।

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