कृषक जगत बहुत ही अच्छी पत्रिका है गेहूं तथा सरसों के विषय में जानकारी दें.

Share

समाधान-आप गेहूं तथा सरसों के बारे में जानकारी चाहते हैं दोनों फसलों की बुआई का समय अब निकल चुका है फिर भी हम आपको जानकारी से अवगत करा रहे हैं। परंतु यह जान लें कि सरसों बुआई का अधिकतम समय नवम्बर तथा गेहूं का माह दिसम्बर है।

  • गेहूं की उन्नत जातियों में पी.बी. डब्ल्यू 502, पी.बी.डब्ल्यूू 343, डब्ल्यू.एच.283, डब्ल्यूू.एच. 137, डब्ल्यू. एच. 542, डब्ल्यू.एच.556.
  • समय से बुआई के लिये 100 किलो/हे.,देरी से बुआई के लिये 125 किलो/हे.
  • समय से बुआई के लिये 260 किलो यूरिया, 375 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 67 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश/हे. तथा देरी से बुआई की स्थिति में 174 किलो यूरिया, 250 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 50 किलो म्यूरेट आफ पोटाश/हे. डालें.
  • सरसों की जातियों में वरूण, क्रांति, रोहणी, कृष्णा, पी.आर.45, आर.एल. 1359 एवं आर.एच. 8812।
  • यूरिया 130 किलो, सिंगल सुपर फास्फेट 188 किलो तथा म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो/हे. डालें।
  • सभी प्रकार के बीजों को बुआई पूर्व 2 ग्राम थाईरम/किलो बीज के हिसाब से बीजोपचार करें।

– बद्रीलाल जाट, रेलमगरा, राजसमन्द (राज.)

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.