ऋण समाधान योजना में

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50 फीसदी मूलधन चुकाने पर पूरा ब्याज होगा माफ

मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के डिफाल्टर सदस्यों के बकाया ऋणों के निपटारे के लिए समाधान योजना को अनुमोदन दिया। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा अल्पावधि फसल ऋण एवं प्राकृतिक आपदा के कारण पूर्व के वर्षो में मध्यावधि ऋण में परिवर्तित किये गये अल्पावधि ऋण की राशि 30 जून 2017 तक जमा नहीं करने वाले डिफाल्टर किसान इस योजना की परिधि में आयेंगे।

समाधान योजना में पात्रता हासिल करने के लिए किसान को खाते में बकाया ऋण का 50 प्रतिशत मूलधन चुकाना होगा। योजना में भाग लेने के लिए अंतिम तिथि 15 जून 2018 होगी। इस तिथि तक किसान को मूलधन राशि का 50 प्रतिशत चुकाना होगा।
किसान द्वारा मूलधन राशि का 50 प्रतिशत चुका देने पर, किसान के खाते में बकाया ब्याज की सम्पूर्ण राशि माफ कर दी जायेगी। किसान को खरीफ 2018 की फसल के लिए नये ऋणमान (न्यू क्रेडिट लिमिट) स्वीकृत कर दिया जायेगा। शेष आधे मूलधन की राशि को शून्य प्रतिशत ब्याज के नये नगद ऋण में परिवर्तित कर दिया जायेगा। किसान को नवीन ऋणमान के अंतर्गत उपलब्ध शेष साख सीमा का अतिरिक्त ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वस्तु ऋण के रूप में उपलब्ध होगा।

अन्य प्रमुख निर्णय

  • समाधान योजना का लाभ 15 जून 2018  तक मिलेगा।
  • डिफाल्टर किसानों की ब्याज माफी का 80 फीसदी राज्य सरकार और 20 फीसदी भार सहकारी संस्थाएं वहन करेंगी।

योजना में शामिल होने वाले किसानों को खरीफ 2018 सीजन में नगद ऋण की मात्रा आधी मूलधन राशि से अधिक नहीं होगी। ऋण का शेष भाग वस्तु ऋण के रूप में होगा। रबी सीजन 2018-19 एवं इसके बाद आने वाले कृषि मौसमों में यह बंधन लागू नहीं रहेगा। नगद एवं वस्तु ऋण का अनुपात नियमित श्रेणी के किसानों की भांति रहेगा। योजना में डिफाल्टर कृषकों को दी जाने वाली ब्याज माफी की 80 प्रतिशत राशि का व्यय भार राज्य शासन द्वारा तथा शेष 20 प्रतिशत भार सहकारी संस्थाओं द्वारा वहन किया जाएगा ।

43 नई तहसीलें बनेंगी

मंत्रि-परिषद ने 30 नगरीय क्षेत्रों में 43 नई तहसीलों के गठन की स्वीकृति दी है। महानगरों में इन्दौर और भोपाल में पाँच-पाँच, ग्वालियर और जबलपुर में तीन-तीन तथा उज्जैन नगरीय क्षेत्र में दो नई तहसीलों का गठन किया जायेगा। इसी प्रकार एक लाख से अधिक लेकिन 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरीय निकाय देवास, सतना, सागर, रतलाम, रीवा, कटनी, सिंगरौली, बुरहानपुर, खण्डवा, मुरैना, भिण्ड, गुना, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, विदिशा, छतरपुर, मंदसौर, दमोह, नीमच, होशंगाबाद, खरगोन, सीहोर, बैतूल, सिवनी, और दतिया में एक-एक नई तहसील बनेगी।

मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना शुरू होगी

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की विधवाओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने तथा उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ देने के लिए शासकीय शब्दावली में विधवा की जगह कल्याणी कहे जाने का निर्णय लिया। इसी के साथ कल्याणी विवाह को प्रोत्साहित करने तथा प्रदेश की सभी विधवाओं की आर्थिक सुरक्षा के लिए पेंशन देने की मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना शुरू करने को मंजूरी दी। इसमें कल्याणी विवाह प्रोत्साहन के लिए दो लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कल्याणी की आर्थिक सुरक्षा के लिए 18 से 79 वर्ष तक प्रति माह 300 रूपये तथा 80 वर्ष से अधिक उम्र होने पर प्रति माह 500 रूपये पेंशन देने की स्वीकृति भी दी गई।

हिरन मध्यम सिंचाई परियोजना

मंत्रि-परिषद ने हिरन मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भू-अर्जन अधिनियम 2013 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनव्र्यवस्थापन के लिए परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि और उस पर स्थित परिसंपत्तियों के क्रय/अर्जन के लिए विशेष पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। इस निर्णय से परियोजना में भू-अर्जन पर 4 करोड़ 52 लाख के स्थान पर 11 करोड़ 16 लाख की राशि व्यय की जाएगी।

किसानों के खातों में पहुंचेंगे 4526 करोड़ रुपए

अच्छे दिनों का इंतजार…
दलौदा मंडी में गेहूं बेचने आये कृषक अपनी उपज विक्रय का इंतजार करते हुए।

मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा चुनावी साल में किसानों के हित में लिये गये फैसलों से किसानों के खातों में 4526 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि 16 अप्रैल और 10 जून को डाली जायेगी। बैठक में रबी 2016-17 के 67 लाख 25 हजार मीट्रिक टन गेहूँ खरीदी पर 7 लाख 38 हजार किसानों को तथा खरीफ-2017 के 16 लाख 59 हजार मीट्रिक टन उपार्जित धान पर 2 लाख 83 हजार किसानों को 200 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 1676 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि 16 अप्रैल को बैंक खातो में डालने का निर्णय लिया गया है। इस तरह इस निर्णय से 10 लाख 21 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
प्रदेश में पंजीकृत किसानों द्वारा 10 अप्रैल से 31 मई तक चना, मसूर एवं सरसों मंडी में बेचे जाने पर कृषक समृद्धि योजना में किसान को 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। पंजीकृत किसानों द्वारा मण्डी में न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऊपर अथवा नीचे विक्रय करने पर भी प्रोत्साहन राशि 100 रुपये प्रति क्विंटल दी जायेगी। इससे करीब 15 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
लाभान्वित किसानों के खातों में 10 जून को करीब 250 करोड़ रुपये की राशि डाली जायेगी। प्रदेश में 26 मार्च से 26 मई के मध्य ई-उपार्जन के गेहूं के पंजीकृत किसान द्वारा इस अवधि में विक्रय करने पर बोनी के रकबे तथा उत्पादकता के आधार पर कृषक समृद्धि योजना अंतर्गत 265 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। पंजीकृत किसानों द्वारा मण्डी में न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऊपर अथवा नीचे विक्रय करने पर भी प्रोत्साहन राशि 265 रुपये प्रति क्विंटल दी जायेगी। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 16 लाख किसान लाभान्वित होंगे, जिनके खातों में 10 जून को करीब 250 करोड़ रुपये की राशि डाली जायेगी।

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