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सप्ताह का किसान – खेती से रेस्टोरेंट मालिक बने ‘लालचन्द्र’

मंदसौर। देश के चर्चित किसान आंदोलन की गवाह पिपलिया मंडी चौपाटी पर स्थित सैनी कचोड़ी, चाय, काफी हाऊस पर लगे फ्लेक्स पर निगाह जाते ही उस पर लिखे वाक्य ’12 वर्ष तक के बच्चे एवं 70 वर्ष के बुजुर्गों को यहां नि:शुल्क नास्ता दिया जाता है। पढ़कर उत्सुकता वश यहां पहुंचते है तो देखकर सच लगता है। यहां बच्चे एवं बुजुर्ग का सम्मान होता है। इस सेवाभावी रेस्टोरेंट का संचालन प्रगतिशील कृषक श्री लालचन्द्र सैनी द्वारा किया जाता है।
खेती की आमदनी से रेस्टोरेंट मालिक बने श्री सैनी खेती में उन्नत बीज, कीटनाशकों, उर्वरकों का उपयोग कर अधिक उत्पादन लेते हैं। इस मुकाम तक पहुंचने में खेती का ही योगदान मानते हैं।
एक हेक्टेयर में सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंगफली खरीफ में, तो गेहूं, चना, लहसुन, अफीम रबी में फसल लेते हैं। जिससे उन्हें प्रति वर्ष 3 लाख की आय होती है। खेती की आय से 6 भैंसे पाली जिससे 80 लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन होता है।
दूध स्वयं के होटल में काम आता है। मिडिल तक शिक्षित श्री सैनी समीप ग्राम खात्याखेड़ी में अपनी कृषि भूमि एवं होटल व्यवसाय पर समान रूप से ध्यान देते हैं। जिससे दोनों स्थानों पर सफलतापूर्वक खेती एवं व्यवसाय का संचालन हो जाता है। रेस्टोरेंट में प्रतिदिन 1500 कचौड़ी तैयार होती है जिसमें लगभग 100 से 150 मुफ्त में बच्चों एवं बुजुर्गों को दी जाती हैं।

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