गरीबी से लडऩे का मूल मंत्र है शिक्षा

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राज्यपाल ने किया गढ़ाकोटा रहस लोकोत्सव का शुभारंभ

भोपाल। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि गरीबी से लडऩे का मूल मंत्र शिक्षा है। बेटियों को पढ़ाएं क्योंकि पढ़ी हुई बेटियों में स्वास्थ्य, संस्कार और स्वावलंबन की भावना का स्वत: ही विकास होता है। उन्होंने यह बात गत दिनों सागर जिले के गढ़ाकोटा तहसील मुख्यालय पर रहस लोकोत्सव के शुभारंभ पर कहीं।
इस अवसर पर आजीविका महिला स्व-सहायता समूह का राज्य-स्तरीय सम्मेलन भी आयोजित किया गया। इसमें आजीविका महिला स्व-सहायता समूह को 28 लाख रुपए की राशि का वितरण और सम्मेलन में उपस्थित लगभग पचास हजार महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन का वितरण भी किया गया।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। वे आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रही हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि गढ़ाकोटा में रहस मेले का आयोजन 214 वर्ष पुराना है। इस मेले को सार्थक बनाने के लिए बुंदेलखंड की कला और संस्कृति के साथ-साथ सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए आने वाले ग्रामीण जनों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।
श्री भार्गव ने कहा कि महिलाओं की सबसे गंभीर समस्या मासिक धर्म के अवसर पर हाइजेनिक संसाधन उपलब्ध ना होना है। इसका सामना करने के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के समूह द्वारा तैयार किए गए सेनेटरी नैपकिन ग्रामीण महिलाओं को नाम मात्र मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इसके प्रति जन जागृति के उद्देश्य से सम्मेलन में आने वाली 50,000 महिला हितग्राहियों को नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन का वितरण कराया जा रहा है। कार्यक्रम में सागर विश्वविद्यालय के कुलपति श्री आर.के. तिवारी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े, बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रामकृष्ण कुसमरिया और विधायक श्रीमती पारुल साहू विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थीं।

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