मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्थानीय भाषा में बनाएं – प्रधानमंत्री ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड और पीएमएफबीवाई की समीक्षा की

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गत दिनों कृषि क्षेत्र से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाओं – मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रगति की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री को बताया गया कि 16 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में मृदा स्वास्थ्य कार्डों के वितरण का पहला चक्र पूरा हो गया है और शेष राज्यों में कुछ सप्ताहों में पूरा हो जाने की संभावना है। प्रगति की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सेम्पलिंग ग्रिड में और विभिन्न मृदा जांच प्रयोगशालाओं में होने वाले अंतर के लिए समुचित जांच की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि इससे रिपोर्ट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्डों की छपाई क्षेत्रीय भाषा में की जानी चाहिए ताकि किसान उन्हें आसानी से पढऩे और समझने में सक्षम हो।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में, प्रधानमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2016 के खरीफ मौसम में और 2016-17 के रबी मौसम में 7700 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के दावे का भुगतान किया गया है और इससे 90 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं।

                     श्रीमती शुक्ला बनी वाल्मी की संचालक

भोपाल। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्रीमती उर्मिला सुरेन्द्र शुक्ला, उप सचिव राजस्व विभाग को संचालक, म.प्र. जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) पदस्थ किया गया है। श्री उमेश कुमार, संचालक एम.पी. स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी को वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ उप सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का दायित्व सौंपा गया है।

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