किसान अवसर का लाभ उठाएं : श्री केलकर

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भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत की किसान संगोष्ठी
इंदौर। आज किसान चर्चा का केद्र बना हुआ है, मुख्य धारा में हैं, किसानों को इसका लाभ लेना चाहिए। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश राजनीति का अखाड़ा बन गया है। आज सभी राजनीतिक दल किसान विरोधी बने हुए हैं। लाखों किलोमीटर बंजर धरती है, जिस पर उद्योगों का विकास किया जा सकता है। लेकिन उद्योपतियों को उपजाऊ भूमि चाहिए, जो हम नहीं देंगे।
भारतीय किसान संघ, मालवा प्रांत द्वारा आयोजित किसान, किसानी विषयों पर परिचर्चा एवं संगोष्ठी में उक्त बात भारतीय किसान संघ के महामंत्री श्री प्रभाकर केलकर ने कही। कार्यक्रम में पद्मश्री श्रीमती जनक पलटा मगिलिगन, श्रीमती विमला तिवारी अ.भा. किसान संघ कार्यकारिणी महिला संयोजिका, श्री रेवाराम पाटीदार उपाध्यक्ष भा.कि.सं. मालवा प्रांत, श्री महेश चौधरी, श्री आनंद सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे।
श्री केलकर ने कहा जैविक खेती ही मानव जाति के भविष्य का आधार है। जैविक खेती के प्रति भ्रम बना हुआ है, यह तभी दूर होगा जब कृषि विशेषज्ञ, नीति नियंता और वैज्ञानिक इसे दूर करेंगे। श्री केलकर ने कहा किसानों को लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य दिए जाने की व्यवस्था हो। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और लाभकारी मूल्य के अंतर की राशि किसानों को बोनस के रूप में दी जाए। श्री केलकर ने बताया वर्तमान में बीज व्यवसाय 6 लाख करोड़ रुपए का है। किसान जीएम (जेनेटिकली मोडिफाइड) बीज के नाम पर ठगे जाते हैं। जीएम बीज का पेटेंट नहीं होता। पेटेंट पेस्टीसाइड के अंतर्गत होता है, बीज के अंतर्गत नहीं। ये उत्पादन नहीं बढ़ाता, वरन् फसलों की कीटों और रोगों से सुरक्षा करता है। किसानों को अपना बीज स्वयं बनाने एवं बीज सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। श्रीमती जनक पलटा मगिलिगन ने किसानों को जैविक कृषि की प्रेरणा दी एवं नशाखोरी जैसी आदतों से बचने की बात कही। परिचर्चा में किसानों ने अपनी समस्याएं और विचार रखे। अतिथि परिचय श्री राजेंद्र पाटीदार ने दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री लक्ष्मीनारायण पटेल ने एवं आभार प्रदर्शन श्री अनिल पुरोहित ने किया।

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