बारिश से खरीफ फसलें हुई अंकुरित
(राजीव कुशवाह, नागझिरी)। अतिवृष्टि से त्रस्त अंचल के किसानों का दिवाली के बाद भी बारिश ने पीछा नहीं छोड़ा है। कटी हुई खरीफ फसलें अंकुरित हो जाने से किसानों का नुकसान हुआ है। ऋण माफी नहीं होने के साथ ही
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(राजीव कुशवाह, नागझिरी)। अतिवृष्टि से त्रस्त अंचल के किसानों का दिवाली के बाद भी बारिश ने पीछा नहीं छोड़ा है। कटी हुई खरीफ फसलें अंकुरित हो जाने से किसानों का नुकसान हुआ है। ऋण माफी नहीं होने के साथ ही
समाधान- आपकी मिर्च में चुडऱ्ा-मुडऱ्ा खतरनाक रोग बन रहा है जो कि एक कीट सफेद मक्खी के द्वारा बढ़ता है। आप निम्न करें। रोगग्रस्त पौधों को उखाड़ कर खाद के गड्ढों में डालें। मैलाथियान 50 ई.सी. की 2 मि.ली. अथवा
समाधान- गहरी जुताई के बाद खेत को 25-30 दिन तेज धूप लगे तो फायदा होता है। इससे भूमिजनित फफूंदों की अवस्थायें तथा कीटों की विभिन्न अवस्थायें भी नष्ट हो जाती हैं। गहरी जुताई के पूर्व खेत में खाद डालने से
गत दिनों ग्राम करहिया, रीवा में डॉ. एस.के. पाण्डेय, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रीवा के मार्गदर्शन एवं डॉ. ए.के. पाण्डेय, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, रीवा के निर्देशन में मिर्च में प्रक्षेत्र दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्र
प्रमुख नाशीकीट फल भेदक: ये नाशीजीव पौधे के प्रजनन के समय सक्रिय होते हैं। इस कीट की पूर्ण विकसित सुण्डी हरे रंग की होती है। इस कीट की सूंिडय़ाँ पत्तियों के अलावा हरे भागों को कुतरती हैं। इस से अधिकतम
सुरेश रघुवंशी, मालाखेड़ी समाधान- मिर्च में यह रोग प्राय: सामान्य रूप से आता है जिसके लक्षण जब दिखाई पड़ते हैं तब तक देरी हो चुकी होती है क्योंकि यह बीमारी एक कीट के द्वारा लाई और फैलाई जाती है उस
बीज उत्पादक कम्पनियों की संकर एवं उन्नत किस्में कंपनी किस्में मिर्च सिंजेंटा इंडिया रोशनी, हॉट लाइन, पीकाडोर, अग्निरेखा, एचपीएच 2424, 1900, 12,2024, 700 सेमिनिस वेजीटेबल्स ज्वालामुखी, दिल्ली हॉट, रविन्दू, सितारा नुजीवीडू त्रिशा -873, नुजी-61, अरूण-99 क्लाज
– प्रभात सिंह, पट्टन समाधान- मिर्च का यह रोग सामान्य रूप से आता है। जिसे चुडऱ्ा-मुडऱ्ा भी कहा जाता है वास्तव में यह रोग एक कीट जिसका नाम सफेद मक्खी है के द्वारा फैलता है इस कारण सफेद मक्खी की
पोषक मूल्य पोष्टिकता की दृष्टि से यह विटामिन एवं खनिज लवणों का स्त्रोत है। इसके फल विटामिन ए व सी से भरपूर होते हैं। मिर्च का तीखापन उसमें उपस्थित एल्कालॉयड कैपसाइसिन के कारण होता है। जलवायु निमाड़ की जलवायु मिर्च
इंदौर। संभाग के खरगोन, बड़वानी एवं धार जिलों में मिर्च की उपज ने खास जगह बनाई है, परंतु वाइरस ने सैकड़ों किसानों की फसल बर्बाद कर दी, वहीं उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला। किसान भ्रमित हैं, आखिर वाइरस जैसी