रिलायंस फॉउंडेशन से मिली जैविक खाद बनाने की जानकारी

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महिला कृषक बनी आदर्श किसान

रिलायंस फॉउंडेशन से मिली जैविक खाद बनाने की जानकारी – राजगढ़ जिले के ग्राम चाटूखेड़ा की एक महिला किसान श्रीमती पवित्रा अग्रवाल मध्य प्रदेश अजीविका मिशन से जुड़ी है।  वे  पिछले 4 वर्षों से  सीआरपी का काम करती हैं  और समूह की महिलाओं को खेती की जानकारी देती हैं। इन्होंने अपनी जानकारी और समझ के आधार पर सीमेंट कंक्रीट से वर्मी कंपोस्ट यूनिट बनाए, जो अकार में काफी बड़े थे।   श्रीमती अग्रवाल  मई माह में रिलायंस फाउंडेशन के जागरूकता अभियान से व्हाट्सएप के माध्यम से जुड़ीं। जब  रिलायंस फाउंडेशन के व्हाट्सएप ग्रुप में इन्होंने वर्मी कंपोस्ट यूनिट का फोटो भेजा तो इनको जानकारी दी गई की इसकी चौड़ाई ज्यादा है, इसमें बीच में एक ईंट का पार्टीशन रख लो साथ में उसमें छेद रखो।

रिलायंस फॉउंडेशन के व्हाट्सएप ग्रुप से श्रीमती अग्रवाल को यह जानकारी भी मिली कि वर्मी यूनिट को किस कचरा से भरा जाए से भरा जाए, किस तरह का गोबर हो, केचुआ को कब और किस तरह छोड़ना है,  बर्मीबास किस प्रकार से बनाते हैं, उसको उपयोग करने का तरीका, वर्मी कंपोस्ट को निकलने का तरीका,  साथ ही साथ में खेत में किस प्रकार से उपयोग करें।  श्रीमती पवित्रा अग्रवाल को अदरक हल्दी बीज की जानकारी भी फाउंडेशन द्वारा मिली, सोयाबीन मक्का अरबी तथा इन्होंने किचन गार्डन में 10 से 12 प्रकार की सब्जियां लगाई है सभी में वर्मी कंपोस्ट प्रयोग कर रही हैं।   

पिछले 2 महीनों से उनका वर्मी कंपोस्ट तैयार हो गया है और अपने खेत में उपयोग के साथ उन्होंने पिछले सप्ताह 20 रुपये प्रति किलो की दर से 2000 रुपये का जैविक खाद बेचा।  अब कृषि विज्ञान केंद्र राजगढ़ कृषि विभाग और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी भी  इनके  काम को देखने आ रहे हैं।  सभी इनके काम को देख कर सराहना करते हैं कहते हैं कि आप बहुत अच्छा काम कर रही हैं।  सभी पूछते हैं कि  आपको यह जानकारी कहां से मिल रही है ?  पवित्रा जी कहती है तकनीकी जानकारी रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से मिली, मैं रिलायंस फाउंडेशन को धन्यवाद देती हूं जो मुझे  इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रेरित कर रहा है और सभी विभाग के अधिकारियों को भी धन्यवाद देती हूं कि जो मेरे काम को देखने के लिए आ रहे हैं।

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