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राज्य कृषि समाचार (State News)

‘स्वसहायता समूहों’ के माध्यम से आत्मनिर्भर हो रही हैं प्रदेश की महिलाएं – कृषि मंत्री श्री पटेल

21 दिसम्बर 2022, हरदा: ‘स्वसहायता समूहों’ के माध्यम से आत्मनिर्भर हो रही हैं प्रदेश की महिलाएं – कृषि मंत्री श्री पटेल – कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने सोमवार को हरदा के कृषि उपज मण्डी प्रांगण में जिले के 12 महिला स्वसहायता समूहों को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। उन्होने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। अभी तक छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा था। अब महिला समूहों को कृषि कार्य के लिये  ट्रैक्टर  उपलब्ध कराये जा रहे है। जिले के कुल 20 समूहों को ट्रैक्टर  उपलब्ध कराये जाना है, जिनमें से आज 12 समूहों को ट्रैक्टर  की चाबी दे दी गई है। इन ट्रैक्टर्स  का कृषि कार्य  के साथ-साथ निर्माण कार्य में भी उपयोग कर ये महिलाएं अपनी आय बढ़ा सकेंगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दर्शनसिंह गहलोद, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री अमरसिंह मीणा, कृषि स्थाई समिति के अध्यक्ष श्री ललित पटेल व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री रोहित सिसोनिया सहित अधिकारी कर्मचारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कृषि मंत्री श्री पटेल ने इस अवसर पर बताया कि 10 लाख रूपये के एक ट्रैक्टर  में 8 लाख रूपये अनुदान स्वरूप शासन देगा, जबकि 2 लाख रूपये समूह को मिलाने होंगे। उन्होने बताया कि महिला समूहों को ट्रैक्टर  के साथ-साथ रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रील जैसे कृषि यंत्र भी उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके साथ ही महिलाओं को कृषि यंत्र व ट्रैक्टर  चलाने व सुधारने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सरकार के प्रयासों से समूह की महिलाओं की आय कम से कम 10 हजार रूपये महीने  हो जाएगी। उन्होंने  सभी महिलाओं को बधाई दी और  कहा कि प्रदेश सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है।  सरकार ने किसानों को बिना ब्याज के कृषि ऋण उपलब्ध कराया है। उन्होने बताया कि जिले में कुल 3212 स्वसहायता समूह महिलाओं के गठित किये गये हैं । इनके माध्यम से लगभग 32 हजार महिलाएं अपनी आय बढ़ा रही है। महिला स्वसहायता समूहों को पिछले वर्ष मूंग, चना व गेहूँ उपार्जन का कार्य भी दिया गया था, जो उन्होंने  सफलतापूर्वक सम्पन्न किया।

इन समूहों को उपलब्ध कराये गये ट्रैक्टर्स  –  कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री पटेल जिन 12 समूहों की महिलाओं को ट्रैक्टर्स  की चाबी सौंपी उनमें माँ नर्मदा आजीविका स्वसहायता समूह पचौला, माँ दुर्गेश्वरी आजीविका स्वसहायता समूह साल्याखेड़ी, सांई आजीविका स्वसहायता समूह पलासनेर, कान्हा आजीविका स्वसहायता समूह बैडी, राधाकृष्ण आजीविका स्वसहायता समूह हनीफाबाद, श्रीराम आजीविका स्वसहायता समूह नीमसराय, सांईराम आजीविका स्वसहायता समूह मोरगढ़ी, गोदावरी आजीविका स्वसहायता समूह बडनगर, जय गणेश आजीविका स्वसहायता समूह बारंगी, माँ शारदा आजीविका स्वसहायता समूह गुठानिया, लक्ष्मी आजीविका स्वसहायता समूह कांकरदा तथा जानकारी आजीविका स्वसहायता समूह पाचातलाई शामिल है।

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इस मौके पर स्वसहायता समूह हंडिया की श्रीमती आशा केवट ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उसे ग्रामीण आजीविका मिशन से सिलाई मशीन मिली थी, जिससे उसने स्कूली बच्चों की ड्रेस सिलकर आय प्राप्त की। इसके अलावा उसने साबुन व अगरबत्ती निर्माण करके भी अपनी आय बढ़ाई। इसके लिये उसने प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया।

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