राज्य का नया बजट संतुलन स्थापित करने वाला : श्री बघेल

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

cm-baghel

20 मार्च 2021, रायपुर। राज्य का नया बजट संतुलन स्थापित करने वाला : श्री बघेल – छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2021-22 के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा प्रस्तुत विनियोग विधेयक पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने सदन में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान कहा कि कोविड महामारी ने हमें जीने का एक नया नजरिया दिया है, जिसमें मानवता ग्लोबल हो, लेकिन अपने परिवेश और संसाधनों के विकास का नजरिया लोकल हो। ग्लोबल इंसानियत और लोकल जरूरत के बीच जितना अच्छा संतुलन होगा, न्याय संगत विकास के हमारे प्रयास उतने ही सटीक होंगे। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की हमारी सोच को अमल में लाने की रणनीति में इससे समानता दिखती है। वर्ष 2021-22 का बजट हमारी आंतरिक शक्ति को बढ़ाने वाला और हमारी दीर्घकालीन रणनीतियों की आरंभिक कड़ी है। इस बजट के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में अपने संसाधनों की रक्षा और सदुपयोग का नया अध्याय लिखा जाएगा। यह बजट पोस्ट कोविड दुनिया में छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि कोविड के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की विधानसभा का पावस सत्र, शीतकालीन सत्र और विशेष सत्र के बाद बजट सत्र भी आयोजित किया गया, जबकि कई राज्यों में विधानसभा के सत्र संक्षिप्त किए गए। लोकसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विनियोग विधेयक पर भी सरकार चर्चा की तैयारी के साथ विधानसभा में उपस्थित है, लेकिन विपक्ष ही चर्चा से भाग रहा है।

  • वर्ष 2021-22 के लिए 1 लाख 5 हजार 213 करोड़ का विनियोग विधेयक पारित
  • इस वर्ष 11 नवीन तहसीलें, 05 नये अनुविभागों का किया जाएगा गठन
  • तेलघानी, चर्म-लौह शिल्पकार और रजककार विकास बोर्डों का होगा गठन
  • कोदो, कुटकी, रागी का किया जाएगा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन
  • ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों के लिए प्रारंभ की जाएगी नवीन न्याय योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के बजट में राज्य सरकार ने गरीबों, किसानों सहित सभी वर्गों के लिए न्याय की व्यवस्था करने का प्रयास किया है, अब राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के बाद इस बजट में कृषि श्रमिकों के लिए भी नवीन न्याय योजना ला रहे हैं, ताकि गरीबों को भी न्याय मिले। हमारे पुरखों ने छत्तीसगढ़ के लिए जो सपना देखा था, उसे हम साकार करेंगे। पुरखों के सपने यहां के गरीबों, आदिवासियों, अनुसूचित जाति, किसानों, मजदूरों, ग्रामीणों के उत्थान, विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए थे। राज्य सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 के विनियोग का आकार (कुल व्यय) 01 लाख 05 हजार 213 करोड़ रुपए का है। शुद्ध व्यय 97 हजार 106 करोड़, राजस्व व्यय 83 हजार 27 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय 13 हजार 839 करोड़ रुपए है।

श्री बघेल ने कहा इस वर्ष के बजट में 11 नवीन तहसील एवं 05 नये अनुविभागों का गठन किया जाएगा। नयी तहसीलें- सारागांव, नांदघाट, सुहेला, सीपत, बिहारपुर, चांदो, रघुनाथपुर, सरिया, छाल, अजगरबहार, बरपाली तथा अनुविभाग कार्यालयों में लोहांडीगुड़ा, भैयाथान, पाली, मरवाही एवं तोकापाल का गठन किया जाएगा। स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र का ड्रोन आधारित सर्वे किया जाकर धारित भूमि का नक्शा तथा अधिकार अभिलेख रहवासियों को वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय सेवकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सिविल सेवा पदक योजना शुरु की जाएगी।

स्वच्छ पेयजल हेतु 45 लाख 48 हजार घरों को 2023 तक नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध जल आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। परंपरागत ग्रामीण व्यावसायिक कौशल को पुनर्जीवित करने चार नये विकास बोर्ड तेलघानी, चर्म शिल्पकार, लौह शिल्पकार एवं रजककार विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा। नवा रायपुर में स्व-वित्तीय मॉडल पर सर्व-सुविधायुक्त राष्ट्रीय स्तर के बोर्डिंग स्कूल की स्थापना की जाएगी। राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में कोदो, कुटकी एवं रागी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अन्य लघु वनोपजों की भांति उपार्जित किया जाएगा।

राजीव किसान न्याय योजना के दायरे का विस्तार कर ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों के लिए नवीन न्याय योजना प्रारंभ की जाएगी। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना प्रारंभ की जाएगी। छत्तीसगढ़ी कला, शिल्प, वनोपज, कृषि एवं अन्य सभी प्रकार के उत्पादों तथा व्यंजनों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए सी-मार्ट स्टोर की स्थापना की जाएगी। किसानों को खेतों तक आवागमन सुविधा हेतु मुख्यमंत्री धरसा विकास योजना के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए 05 हजार 703 करोड़ रुपए तथा अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण हेतु 05 हजार 900 करोड़ रुपए का लक्ष्य है।

कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत 05 एचपी तक के कृषि पंपों पर नि:शुल्क विद्युत प्रदाय हेतु 02 हजार 500 करोड़ रुपए, सौर सुजला योजना हेतु 530 करोड़, गोधन न्याय योजना के लिए 175 करोड़ रुपए, नवीन सिंचाई योजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन को छत्तीसगढ़ में कृषि का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश के स्वच्छतम राज्य होने का पुरस्कार लगातार दो वर्षों से प्राप्त हो रहा है, इस सफलता का श्रेय स्वच्छता दीदीयों को समर्पित करते हुए उनके मानदेय को 05 हजार से बढ़ाकर 06 हजार रुपए किया गया है।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।