राज्य कृषि समाचार (State News)

डीएपी के अलावा विकल्प में मिश्रित उर्वरकों का उपयोग करें- उप संचालक कृषि देवास

22 अक्टूबर 2024, देवास: डीएपी के अलावा विकल्प में मिश्रित उर्वरकों का उपयोग करें- उप संचालक कृषि देवास –  उप संचालक कृषि श्री गोपेश पाठक ने जिले के किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में मिश्रित उर्वरकों का उपयोग करने  की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि मिश्रित उर्वरकों से गेहूं फसल के उत्पादन में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि रबी की मुख्य फसल गेहूं में मुख्यतः  नाइट्रोजन , फास्फोरस एवं पोटाश पौधों के लिए मुख्य पोषक तत्व हैं, जो कि गेहूं फसल की वृद्धि एवं अधिक उत्पादन के लिए आवश्यक है। गेहूं फसल में सिंचित दशा जिसमें नाइट्रोजन 120 किग्रा प्रति हेक्टेयर, फास्फोरस 60 किग्रा एवं पोटाश 40 किग्रा प्रति हेक्टेयर के मान से आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति कृषकगण डीएपी उर्वरकों के अलावा कई विकल्पों के माध्यम से कर सकते हैं।

विकल्प –  उपसंचालक कृषि ने बताया कि यूरिया 46 प्रतिशत + सिंगल सुपर फास्फेट 16 प्रतिशत + एमओपी 60 प्रतिशत, नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए 200 किग्रा यूरिया, फास्फोरस के लिए सिंगल सुपर फास्फेट की 375 किग्रा तथा 65 किग्रा म्यूरेट आफ पोटाश की मात्रा डाल सकते हैं। यूरिया 46 प्रतिशत + 12:32:16 + एमओपी 60 प्रतिशत इस विकल्प में यूरिया की 241 किग्रा मात्रा तथा एनपीके 12:32:16 की 130 किग्रा तथा पोटाश की पूर्ति के लिए एमओपी 17 किग्रा की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि यूरिया 46 प्रतिशत + 20:20:0 + एमओपी 60 प्रतिशत तथा विकल्प में यूरिया की 131 किलोग्राम मात्रा तथा 20:20:0 की 300 किग्राम मात्रा तथा पोटाश के लिए एमओपी 66 किग्रा मात्रा प्रति हेक्टेयर दर से डाला जा सकता है। इस प्रकार कृषक गण डीएपी के अलावा विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट, 12:32:16, 20:20:0 जैसे मिश्रित उर्वरकों का उपयोग कर गेहूं की फसल से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement