मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत बालाघाट के किसान को मिली मुर्राह नस्ल की भैंस, प्रति माह हो रही ₹25 हजार की कमाई
17 जनवरी 2026, भोपाल: मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत बालाघाट के किसान को मिली मुर्राह नस्ल की भैंस, प्रति माह हो रही ₹25 हजार की कमाई – मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना ग्रामीण अंचलों में पशुपालकों के जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रही है। इस योजना के माध्यम से पशुपालन को पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़ाकर एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित किया जा रहा है। बालाघाट जिले के विकासखंड लालबर्रा अंतर्गत ग्राम कनकी के पशुपालक संतोष बघेल इसकी जीवंत मिसाल बनकर सामने आए हैं।
लगभग दो माह पूर्व बघेल ने मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का लाभ लेते हुए हरियाणा राज्य के रोहतक क्षेत्र से मुर्राह नस्ल की दो उन्नत भैंसों का चयन स्वयं किया। इस क्रय प्रक्रिया में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार मर्सकोले सहित कुल 11 हितग्राही शामिल रहे। योजना की कुल इकाई लागत ₹2,95,000 निर्धारित थी, जिसमें 50 प्रतिशत हितग्राही अंशदान सम्मिलित रहा। उल्लेखनीय है कि इस लागत में तीन वर्षों का पशु बीमा एवं परिवहन व्यय भी शामिल किया गया, जिससे हितग्राही को अतिरिक्त सुरक्षा मिली।
दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला बालाघाट डॉ. एन. डी. पुरी द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में यह तथ्य सामने आया कि क्रय के समय प्रत्येक भैंस का दुग्ध उत्पादन 8 से 9 लीटर प्रतिदिन था, जो वर्तमान में बढ़कर 12 लीटर प्रतिदिन प्रति भैंस तक पहुंच गया है। बेहतर नस्ल, संतुलित आहार एवं नियमित पशु चिकित्सा देखरेख के चलते यह वृद्धि संभव हो सकी।
संतोष बघेल बताते हैं कि दुग्ध विक्रय से होने वाली आय से जब चारा, देखभाल एवं अन्य व्यय घटाए जाते हैं, तब भी उन्हें लगभग ₹25,000 प्रतिमाह की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। यह आय न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए आत्मविश्वास भी प्रदान कर रही है।
अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरणा
बघेल की सफलता से प्रेरित होकर विकासखंड लालबर्रा क्षेत्र के अन्य पशुपालक भी मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के प्रति रुचि दिखा रहे हैं। कई पशुपालक आगामी वर्ष योजना में आवेदन करने हेतु पशु चिकित्सा संस्थाओं से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को संगठित एवं व्यावसायिक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा संबल
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना न केवल पशुपालकों की आय में निरंतर वृद्धि कर रही है, बल्कि मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में भी एक सशक्त कदम है। यह योजना ग्रामीण पशुपालकों के लिए स्थायी आजीविका, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभर रही है।
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