राज्य कृषि समाचार (State News)

आगर-मालवा में दो दिवसीय कृषि विज्ञान मेले संपन्न, किसानों को आधुनिक खेती और नई फसलों की मिली जानकारी  

16 मार्च 2026, आगर-मालवा: आगर-मालवा में दो दिवसीय कृषि विज्ञान मेले संपन्न, किसानों को आधुनिक खेती और नई फसलों की मिली जानकारी – कृषक कल्याण वर्ष-2026 वर्ष के तहत आगर-मालवा जिले की कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव के मार्गदर्शन में पुलिस परेड ग्राउंड आगर मालवा में आत्मा योजना अंतर्गत 12 एवं 13 मार्च 2026 को आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेले का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मेले के द्वितीय दिवस पर कृषकों को आधुनिक कृषि तकनीकों, कम लागत में अधिक उत्पादन, कृषि आधारित उद्योग स्थापना, उद्यानिकी एवं मसाला-औषधीय फसलों के उत्पादन संबंधी जानकारी कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रदान की गई।

कृषि विज्ञान केंद्र शाजापुर के पूर्व प्रधान एवं प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. जी.आर. अम्बावतिया ने किसानों को कुसुम, चिया सीड, चन्द्रसुर, किनोवा, हल्दी एवं अदरक जैसी नई एवं लाभकारी फसलों की उन्नत खेती पद्धतियों की जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र आगर-मालवा के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ए.के. दीक्षित ने मृदा परीक्षण की विधि, परीक्षण परिणाम अनुसार उर्वरकों के उपयोग तथा सोयाबीन एवं गेहूं की रोग प्रतिरोधी उन्नत किस्मों, फसल विविधीकरण एवं फसल प्रसंस्करण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

भारतीय किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डुंगर सिंह सिसोदिया ने नरवाई प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, गोबर खाद एवं गोमूत्र के उपयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपाय बताए। उप संचालक कृषि  विजय चौरसिया ने किसानों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से खाद प्राप्ति हेतु ई-टोकन बुकिंग की प्रक्रिया समझाई, जिससे पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से उर्वरक उपलब्ध हो सके। साथ ही किसानों को ग्रीष्मकालीन तिल एवं उड़द फसल लगाने के लिए प्रेरित किया।

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र शाजापुर के महाप्रबंधक नवीन शुक्ला ने कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, जैविक खाद निर्माण, नरवाई प्लेट उद्योग, पेटेंट, मार्केटिंग एवं अनुदान योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र उज्जैन की तकनीकी सहायक डॉ. सविता कुमारी ने नरवाई प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म उद्योग एवं किचन गार्डनिंग के बारे में जानकारी दी। पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के विकासखंड अधिकारी डॉ. अंकित जैन ने विभिन्न पशुपालन योजनाओं, नियमित टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान एवं हरा चारा प्रबंधन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए।

सहायक कृषि यंत्री अंशुल बरोड ने कृषि यंत्रीकरण, कस्टम हायरिंग, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, सीबीजी प्लांट स्थापना एवं ई-कृषि यंत्र पोर्टल पर पंजीयन की जानकारी दी। पतंजलि ऑर्गेनिक्स रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार के कॉर्डिनेटर जुझार सिंह नागर ने जैविक खेती एवं पीजीएस इंडिया प्रमाणन सहित जीवामृत, बीजामृत एवं अन्य प्राकृतिक खेती घटकों की निर्माण विधि समझाई।

मेले के दौरान “एक गांव-एक उद्योग” योजना अंतर्गत ग्राम चिकली गोयल की हनुमान स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुगन बाई को फ्लोर मिल उद्योग स्थापना हेतु आटा चक्की प्रदान की गई। किसानों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें सही उत्तर देने वाले 11 किसानों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का सिंगल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरण का लाइव प्रसारण भी किसानों को दिखाया गया। मेले में सहभागी कृषि आदान विक्रेताओं एवं विभागीय स्टॉलों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। 

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