सगड़ोद में आबादी से दुगुने लगे हैं वृक्ष

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पर्यावरण दिवस पर विशेष

5 जून 2021, देपालपुर (जेपी नागर) ।  सगड़ोद में आबादी से दुगुने लगे हैं वृक्ष – अपने गांव  व क्षेत्र के पर्यावरण को सुधारने के लिए सगड़ोद के गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा सराहनीय प्रयास करते हुए अपने रोजमर्रा के खर्चो में कटोत्री करके बची हुई राशि से वर्षा ऋतु  में व्यापक पैमाने पर पौधारोपण  किया जाता है।  3 हजार से अधिक की आबादी वाले इस ग्राम में 8 हजार से अधिक पेड़ हैं l  इस बारे में गायत्री परिवार के सदस्यों ने विस्तृत जानकारी दी।  

श्री मोहन मकवाना ने बताया  कि गायत्री परिवार द्वारा इस अभियान की शुरुआत लगभग 20 वर्ष पूर्व की गई थी, तब देपालपुर नर्सरी से परिवार के सदस्य स्वयं पौधे खरीद कर पौधारोपण करते थे तथा अन्य लोगों  को भी पौधारोपण के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से निःशुल्क वितरित करते थे। लेकिन पिछले 8 सालों से सभी सदस्य स्वयं ही पौधे तैयार करते हैं । गायत्री परिवार के सदस्यों व गाँव वालों की मेहनत से आज 3200 की आबादी वाले इस गांव में 6  हजार नीम के ,2  हजार पीपल  के और बड़ी संख्या में अन्य वृक्ष  हैं ।

श्री सुभाष मकवाना ने कहा कि प्रति वर्ष बढ़ती भीषण गर्मी और  लगातार वृक्षों की कमी के कारण भविष्य में होने वाली भयावह  स्थिति को ध्यान में रखते हुए वर्षा ऋतु में  गांव के उन हिस्सों में, जहां पर पेड़ की कमी है वहां  तथा खेतों की मेड़ पर  व्यापक पैमाने पर पौधारोपण किया जाता है। यही नहीं परिवार के सदस्यों ने यह निर्णय भी लिया है कि पौधारोपण के पश्चात प्रतिदिन पौधों की देखरेख की जाए  तथा टैंकर के माध्यम से इन पौधों को पेड़ होने तक सिंचित किया जाए l इसके लिए प्रत्येक सदस्य बारी-बारी से अपने ट्रैक्टर और टैंकर के माध्यम से अपनी सेवाएं देंगे तथा ट्रैक्टर में लगने वाले डीजल का खर्च, जिस सदस्य की बारी पानी पिलाने में आएगी वह स्वयं उठाएगा l

डीजल खर्च के लिए अनूठा प्रयास :  गायत्री परिवार के वरिष्ठ  श्री बापूसिंह मकवाना और  श्री हरिराम मकवाना ने बताया कि टैंकर में लगने वाले डीजल का खर्च की पूर्ति करने के लिए सभी सदस्यों ने पूर्व में  यह निर्णय लिया था कि प्रतिदिन देपालपुर तथा इंदौर जाने के लिए स्वयं के वाहन का उपयोग करते हैंl मगर सप्ताह में दो दिन स्वयं के वाहनों से नहीं जाते हुए बस द्वारा या अन्य किसी साधन से आना -जाना करेंगे तथा उससे  पेट्रोल और डीजल पर बचने वाली राशि से इन टैंकरों में डीजल डलाया जाएगा। उस  निर्णय का पालन करते हुए यह कार्य अब भी  किया जा रहा है।
श्री कनीराम मकवाना और श्री माखन मकवाना ने जानकारी दी कि किस जगह पर कौन सी प्रजाति का पौधा लगाया गया है व सम्पूर्ण अभियान के दौरान कुल कितने पौधे  रोपे गए हैं  इन सभी का संधारण एक रजिस्टर में किया जाता है,  जिससे पता चल सकेगा कि लगाए गए पौधों में से किस प्रजाति के कितने पौधे  जीवित हैंl श्री जीवन सेठ और श्री लाखन बडवाया ने बताया कि इस वर्ष लगभग 1500 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें पीपल ,नीम व बड़ के पौधे लगाए जाएंगे जो  पर्यावरण को शुद्ध रखेंगे l  

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