ट्रैक्टर निर्माताओं , बीज कंपनियों को मिली छूट

Share this
ट्रैक्टर निर्माताओं , बीज कंपनियों को मिली छूट लॉकडाउन में कृषि गतिविधियों को दी और राहत

नई दिल्ली।भारत सरकार के कृष विभाग ने लॉकडाउन के दौरान क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए कई उपाय कर रही है।

इसी क्रम में श्री नरेंद्र सिंह तोमर केन्द्रीय कृषि मंत्री कृषि व्यापार की निरंतरता के लिए विभाग द्वारा उठाए जाने वाले विभिन्न कार्यों पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की और यह सुनिश्चित किया कि किसानों और कृषि कार्यों को इस महत्वपूर्ण समय में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस संबंध में लिए गए निर्णय इस प्रकार हैं :

1.) सब्सिडी योजनाओं में किसानों को कृषि मशीनरी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने परीक्षण नमूनों का एकाएक चयन, परीक्षण रिपोर्ट की समाप्ति की वैधता के बाद बैच परीक्षण, सीएमवीआर, सीओपी का अद्यतन और ट्रैक्टर, पावर टिलर, कंबाइन हार्वेस्टर्स और अन्य स्व-चालित कृषि मशीनरी की रेंडम सेंपलिग पर 31.12.2020 तक छूट प्रदान की है। संशोधित बीआईएस मानक आईएस 12207-2019 के अनुसार ट्रैक्टरों का परीक्षण और 51 कृषि मशीनरी के नए तकनीकी महत्वपूर्ण विनिर्देशों को भी 31.12.2020 तक स्थगित कर दिया गया है।

2.) लॉकडाउन अवधि के दौरान बीज क्षेत्र को सुविधाजनक बनाने के लिए, सरकार 30.09.2020 तक समाप्त हो चुके या समाप्त होने वाले बीज डीलरों के लाइसेंस की वैधता बढ़ाने पर सहमत हुई है।

3.) आयातकों को बीज/रोपण सामग्री की आवश्यकता पर विचार करने के बाद सितंबर 2020 तक आयात अनुमति की वैधता बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।

4.) प्लांट क्वारंटाइन प्रणाली के तहत, सभी पैक-हाउसों, प्रसंस्करण इकाइयों और उपचार सुविधाएं जिनकी वैधता 30 जून 2020 तक समाप्त हो रही है, कृषि उत्पादों के निर्यात की सुविधा के लिए उनकी वैधता एक सरलीकृत प्रक्रिया के माध्यम से बिना किसी भौतिक निरीक्षण के एक वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इसके पूर्व “किसान रथ” ऐप , 567 पार्सल स्पेशल ट्रेन,प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत, लगभग 8.78 करोड़ किसान परिवारों को 17,551 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है ।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएम-जीकेवाई) के तहत लगभग 88000मीट्रिक टन दालें राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को भेज दी गई हैं।

Share this
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *