देवास में सोयाबीन की फसल पर मंडरा रहा इन कीटों का खतरा! कृषि विभाग ने किसानों को दी ये खास सलाह
06 सितंबर 2026, देवास: देवास में सोयाबीन की फसल पर मंडरा रहा इन कीटों का खतरा! कृषि विभाग ने किसानों को दी ये खास सलाह – मध्यप्रदेश के देवास जिले कृषि विज्ञान केंद्र देवास एवं कृषि विभाग ने विकासखंड खातेगांव अंतर्गत ग्राम सुकरास, ओलम्बा, भवरास, सुकरदी, मनोरा, आमला एवं विक्रमपुर में संयुक्त रूप से कृषक खेतों का भ्रमण कर सोयाबीन फसल की स्थिति का जायजा लिया । भ्रमण के दौरान क्षेत्र में सोयाबीन फसल में कहीं-कहीं पीला मोजेक रोग के लक्षण पाए गए। इस संबंध में उप संचालक कृषि ज्ञानसिंह मोहनिया ने कृषकों को रोग के प्रसार को रोकने के लिए खेतों की नियमित निगरानी करने तथा रोग फैलाने वाली सफेद मक्खी के नियंत्रण की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु थायोमेथाक्जाम 25% WG की 125 ग्राम मात्रा अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL की 125 मिली मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से अनुशंसित तरीके से छिड़काव किया जा सकता है। कृषकों को सलाह दी गई कि फसल में रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर उचित नियंत्रण उपाय अपनाएं।
भ्रमण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र देवास के वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह एवं डॉ. अरविंदर कौर, सहायक संचालक कृषि लोकेश गंगराडे, एन.एस. गुर्जर तथा कृषि विस्तार अधिकारी दिलीप मीणा, दिनेश पंवार सहित कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कृषकों से अपील की गई कि वे सोयाबीन फसल का नियमित निरीक्षण करें तथा किसी भी प्रकार के रोग अथवा कीट का प्रकोप दिखाई देने पर समय पर नियंत्रण उपाय अपनाकर फसल को नुकसान से बचाएं।
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