राजस्थान में खाद की नहीं होगी कमी, 12.29 लाख टन यूरिया उपलब्ध; किसान ऑनलाइन बुकिंग से खरीद सकेंगे
12 अगस्त 2026, जयपुर: राजस्थान में खाद की नहीं होगी कमी, 12.29 लाख टन यूरिया उपलब्ध; किसान ऑनलाइन बुकिंग से खरीद सकेंगे – राजस्थान में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार और कृषि विभाग की ओर से खाद की दैनिक उपलब्धता और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि केंद्र सरकार से लगातार समन्वय कर किसानों की मांग के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। खरीफ 2026 में अब तक 12.29 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया जा चुका है, जो केंद्र सरकार के निर्धारित आवंटन का 132 प्रतिशत है।
यूरिया की मांग से अधिक उपलब्धता
कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ 2026 में अप्रैल से अगस्त तक भारत सरकार की ओर से राजस्थान के लिए 9.28 लाख मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया गया था। इसके मुकाबले 1 अप्रैल को उपलब्ध स्टॉक को शामिल करते हुए अब तक 12.29 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया जा चुका है। अगस्त की शेष अवधि में भी करीब 1.33 लाख मीट्रिक टन यूरिया की अतिरिक्त आपूर्ति कराई जाएगी। वर्तमान में राज्य में करीब 3.09 लाख मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है और इसकी लगातार आपूर्ति जारी है।
DAP की कमी की भरपाई NPK और SSP से
DAP की आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद किसानों के लिए वैकल्पिक उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। अप्रैल से अगस्त तक राजस्थान में 3.80 लाख मीट्रिक टन DAP की मांग के मुकाबले अब तक 2.92 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया है। आयातित DAP की आपूर्ति मध्य एशिया में युद्ध के कारण प्रभावित हुई है।
DAP की कमी को देखते हुए 1.49 लाख मीट्रिक टन NPK और 3.50 लाख मीट्रिक टन SSP की उपलब्धता कराई गई है। इस तरह किसानों के लिए कुल 7.91 लाख मीट्रिक टन फॉस्फेटिक उर्वरक उपलब्ध कराए गए हैं। अगस्त की शेष अवधि में एक लाख मीट्रिक टन DAP की और आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी है।
ऑनलाइन बुकिंग से घर बैठे नहीं, खेत से कर सकेंगे खरीद
राज्य में अनुदानित उर्वरकों की पारदर्शी बिक्री के लिए नई ऑनलाइन डिजिटल प्रणाली शुरू की गई है। फिलहाल इसे सिरोही और राजसमंद जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत किसान खेत से ही ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं और QR कोड के माध्यम से अपनी बोई गई फसल के लिए वैज्ञानिक सिफारिश के अनुसार उर्वरक खरीद सकेंगे। अब तक इस व्यवस्था के जरिए करीब 68 हजार किसान 10 हजार मीट्रिक टन उर्वरक खरीद चुके हैं।
सरकार का मानना है कि नई डिजिटल व्यवस्था से खाद विक्रेताओं की मनमानी, टैगिंग, कालाबाजारी और उर्वरकों के डायवर्जन पर प्रभावी रोक लगेगी। जल्द ही इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
कृषि विभाग की ओर से कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों और ब्लॉकों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर उर्वरकों का वितरण कराया जा रहा है। खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए विभागीय अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। जुलाई 2026 तक विभाग की ओर से 8706 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 15 FIR दर्ज, 2 गिरफ्तारियां, 55 लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा करीब 25 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त किया गया है।
उर्वरक विक्रेताओं के यहां निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की नामजद ड्यूटी लगाई गई है। अनुदानित खाद की बिक्री केवल खेती के लिए किसानों को करने के निर्देश हैं। इसके लिए किसान की Farmer ID या पंजीकरण रसीद के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। Farmer ID नहीं होने पर जमाबंदी के आधार पर बिक्री की व्यवस्था की गई है।
61 चेकपोस्ट से होगी निगरानी
राजस्थान से दूसरे राज्यों में उर्वरकों के अवैध परिवहन और डायवर्जन को रोकने के लिए 61 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। यहां विभागीय कर्मचारियों के साथ जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद से निगरानी की जा रही है।
खरीफ फसलों की 89% बुवाई पूरी
राजस्थान में खरीफ 2026 के लिए 165.39 लाख हेक्टेयर बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 147.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है, जो लक्ष्य का करीब 89 प्रतिशत है। 7 अगस्त तक बाजरा 39.82 लाख हेक्टेयर, मक्का 9.73 लाख, ज्वार 6.45 लाख, मूंग 22.93 लाख, मोठ 8.82 लाख, मूंगफली 11.10 लाख, सोयाबीन 9.30 लाख और ग्वार 19.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोया जा चुका है। फसलवार लक्ष्य की तुलना में अनाज फसलों की 100 प्रतिशत, दलहनी फसलों की 87 प्रतिशत और तिलहनी फसलों की 84 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है।
सामान्य से 11% कम बारिश
राज्य में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। 1 जून से 7 अगस्त 2026 तक राजस्थान में 222.44 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 250.55 मिलीमीटर है। इस तरह बारिश सामान्य से 11.22 प्रतिशत कम रही है।
कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान में राज्य में 3.09 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 68 हजार मीट्रिक टन DAP, 80 हजार मीट्रिक टन NPK और 1.68 लाख मीट्रिक टन SSP का स्टॉक उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि किसानों की मांग और जिलों की आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी रखी जाएगी।
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