महाराष्ट्र की सरकार महिला किसानों को देगी आधुनिक खेती की ट्रेनिंग
05 फरवरी 2026, भोपाल: महाराष्ट्र की सरकार महिला किसानों को देगी आधुनिक खेती की ट्रेनिंग – महाराष्ट्र की सरकार ने अब महिला किसानों को भी आगे बढ़ाने का फैसला लिया है ताकि महिला किसानों को न केवल आय में बढ़ोतरी हो सके वहीं वे अपने आप में सशक्त भी हो सकेगी.
महाराष्ट्र सरकार ने गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस साझेदारी के तहत राज्य के कपास उत्पादक जिलों की 5,000 से ज्यादा महिला किसानों को टिकाऊ और आधुनिक खेती की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके लिए गोदरेज एग्रोवेट और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (MSRLM-उमेद) के बीच मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं. राज्य सरकार का मानना है कि उसके इस फैसले से राज्य में महिला किसान सशक्त होंगी और कपास के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसान महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और कृषि आधारित परिवारों में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है. राज्य सरकार महिला किसानों को समय पर सहायता, ऋण की सुविधा और वैज्ञानिक मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध है. यह तीन साल का कार्यक्रम गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिसेज (GAP) और इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (IPM) पर केंद्रित होगा, जिससे खेती की लागत कम होगी और आय बढ़ेगी.
इन जिलों को किया गया शामिल
इस पहल से कृषि उत्पादकता, आजीविका और ग्रामीण स्थिरता में लंबे समय तक सुधार आने की उम्मीद है. यह परियोजना ऐसे समय में शुरू की गई है, जब संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है. पहले चरण में नागपुर, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, परभणी, जलगांव, बीड, अकोला और नांदेड़ जिलों को शामिल किया गया है, जहां करीब 100 स्वयं सहायता समूहों और 50,000 एकड़ क्षेत्र की महिला किसानों को लाभ मिलेगा. आने वाले वर्षों में इस कार्यक्रम को 500 से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों तक बढ़ाया जाएगा और कपास के साथ मक्का जैसी अन्य फसलों को भी शामिल किया जाएगा.
कपास के अलावा मक्का जैसी अन्य फसलों की ट्रेनिंग भी
खास बात यह है कि इस योजना के तहत महिला किसानों को अच्छी खेती के आधुनिक तरीके और कीट प्रबंधन के प्रभावी उपाय की ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे खेती का खर्च कम होगा और फसल की गुणवत्ता व पैदावार बेहतर होगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी. कार्यक्रम से करीब 50,000 एकड़ में खेती करने वाली महिला किसान जुड़ेंगी. साथ ही, कपास के अलावा मक्का जैसी अन्य फसलों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


