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राज्य कृषि समाचार (State News)

नरसिंहपुर में कृषि रथ का अभियान तेज, किसानों को मिल रही उन्नत तकनीक की जानकारी

15 फरवरी 2026, नरसिंहपुर: नरसिंहपुर में कृषि रथ का अभियान तेज, किसानों को मिल रही उन्नत तकनीक की जानकारी – मध्यप्रदेश के राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत प्रदेश में कृषि रथों का भ्रमण जारी है। इसी क्रम में नरसिंहपुर जिले के सभी 6 विकासखंडों में कृषि रथ चलाया जा रहा है। जिले के किसानों को ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन उर्वरक वितरण), आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत खेती आदि की जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है।

कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, विभागीय कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था और पराली प्रबंधन की जानकारी दी गई। किसानों को नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, स्ट्रॉ रीपर और रीपर कम बाइंडर की तकनीकी जानकारी दी गई।

किसानों को जानकारी दी गई कि सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र खेत की तैयारी, नरवाई प्रबंधन और बोनी जैसे तीन काम एक साथ करते हैं। इन यंत्रों के उपयोग से न केवल समय और लागत की बचत होती है, बल्कि पैदावार भी अच्छी मिलती है। उन्होंने किसानों को समझाइश दी गई कि नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है और वायु प्रदूषण फैलता है। नरवाई न जलाकर उसे खाद के रूप में उपयोग करना ही श्रेष्ठ है।

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रतलाम जिले में कृषि रथ के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध विषयों जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, आत्मा, मत्स्य पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिकी तकनीकी सुधार की जानकारी कृषकों को दी जा रही है। कृषि रथ द्वारा किसानों को जिले के विभिन्न ग्रामों में जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, पराली न जलाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढावा देने, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था आदि के संबंध में जानकारी दी गई।

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