देपालपुर के किसानों ने कायम की आत्मनिर्भरता की मिसाल

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देपालपुर के किसानों ने कायम की आत्मनिर्भरता की मिसाल

14 जुलाई 2020, देपालपुर।देपालपुर के किसानों ने कायम की आत्मनिर्भरता की मिसाल – जब सरकार जन हित के बुनियादी मामलों की लगातार उपेक्षा करती है, तो जनता उसका जवाब मौका आने पर देती है. लेकिन अच्छी बात यह है, कि अब जनता भी जागरूक हो गई है और अपनी समस्याओं को जन सहयोग से दूर करने लगी है. ऐसा ही मामला देपालपुर क्षेत्र का सामने आया है जहाँ के किसानों ने अन्य गांव के अलावा अपने खेतों तक आसानी से आने -जाने के लिए रास्ते के लिए चंदा इक_ा किया और अपने संसाधनों से मुरम डालकर 2 से 5 किमी तक लम्बी सड़कें बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है.

देपालपुर तहसील के ग्राम तलावली के किसान, अपने गांव से दूसरे गाँव को जोडऩे और खेतों तक आने – जाने के लिए सड़क के अभाव में कई सालों से परेशान थे. सरकार से भी कई बार गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो गांव के लोगों ने ठान लिया कि अब खुद ही जन सहयोग से पैसा जुटाकर सड़क बनाएंगे.इसके लिए रास्ते में पडऩे वाले किसानों से 500 रु./बीघे के हिसाब से राशि ली गई और खेतों तक जाने वाली दो किमी लम्बी सड़क मात्र 4 लाख में तैयार कर ली.

इस कार्य में श्री मनमोहन पटेल, श्री राजेश परमार, श्री अशोक बैरागी, श्री प्रदीप परमार आदि ने चंदा देकर अन्य सहयोग भी किया. चौंकाने वाली बात तो यह है कि किसानों ने पास में चल रहे डामरीकरण कार्य की लागत ठेकेदार से पूछी तो उन्होंने 60 – 65 लाख रु. /किमी बताई.जबकि जन भागीदारी से यह कच्ची लेकिन मजबूत सड़क बनाने में 4 लाख लगे. इससे भ्रष्टाचार का अंदाजा लगाया जा सकता है.इससे गांव की दूसरी अन्य जगहों पर भी सड़क बनाने को लेकर जागरूकता देखने को मिली. क्षेत्र में ऐसी ही अन्य सड़कें शांतिविहार कॉलोनी के पीछे तकीपुरा रोड तक तथा बेटमा रोड से सुनेरिया तालाब तक 5 किमी लम्बी सड़कें चन्दा एकत्रित कर बना ली. इसमें 550 ट्रॉली मुरुम किसानों द्वारा अपने ट्रैक्टरों से लेकर डाली गई. इन कार्यों में पूर्व न.पा. अध्यक्ष श्री संतोष ठाकुर के अलावा उनके अन्य साथियों ने बहुत मदद की. किसानों द्वारा कायम की गई आत्मनिर्भरता की यह मिसाल काबिले तारीफ है.

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