कलेक्टर ने हाट बाजार का अवलोकन कर उत्पादकों से किया संवाद
11 नवंबर 2025, इंदौर: कलेक्टर ने हाट बाजार का अवलोकन कर उत्पादकों से किया संवाद – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने और लोकल फ़ॉर वोकल के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में इंदौर जिले में एक नई पहल की गई है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार में प्राकृतिक (गौ-आधारित) कृषि उत्पादों का साप्ताहिक विक्रय केन्द्र शुरू किया गया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कलाकारों हस्तशिल्पियों स्व- सहायता समूह के सदस्यों को मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण हाट बाजार प्रारंभ किया गया है ।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने शनिवार को ग्रामीण हाट बाजार पहुंचकर उत्पादकों को प्रोत्साहित किया और हाट बाजार का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों से दलहन, मसाले और हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदी की। साथ ही किसानों और स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ संवाद किया और कहा कि ग्रामीण हाट बाजार में सभी तरह की बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी ताकि अधिक से अधिक संख्या में उपभोक्ता यहां आकर गौ आधारित प्राकृतिक कृषि तथा हस्त शिल्प स्वदेशी उत्पादों को क्रय कर सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इंदौर जिले के प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों के उत्पादों को प्रोत्साहन देना और उपभोक्ताओं को रसायन मुक्त एवं शुद्ध खाद्य सामग्री सीधे किसानों से उपलब्ध कराना है । कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीण हाट बाजार पर हर शनिवार-रविवार को किसान स्वयं उपभोक्ताओं को प्राकृतिक रूप से उत्पादित दालें, हल्दी, मसाले, सब्जियाँ, चिया सीड, अश्वगंधा, कलौंजी, अनाज सहित अन्य गौ-आधारित उत्पाद विक्रय करेंगे। इस पहल से किसानों को विपणन का सीधा मंच मिलेगा और नागरिकों को सुरक्षित, जैविक तथा पौष्टिक खाद्य सामग्री प्राप्त होगी।
हस्तशिल्प उत्पाद आकर्षण का केंद्र – ग्रामीण हाट बाजार में विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प उत्पाद, चमड़े के जूते, सीप के बैग, चंदेरी साड़ियाँ, रचनात्मक झाडू, तोरण आदि उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है, जो कि स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किये जाते है। उक्त ग्रामीण हाट बाजार मेला में “ लोकल फॉर वोकल ” के आधार पर स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किये गए उत्पादों को नागरिक क्रय कर सकेंगे। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि स्थानीय उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करें, जिससे देश की अर्थव्यवस्था सशक्त बने, आयात पर निर्भरता कम हो । साथ ही स्थानीय रूप से निर्मित उत्पादों, कारीगरों और उद्योगों को बढ़ावा मिले। बताया गया है कि यदि कोई स्व सहायता समूह या कृषक हर शनिवार तथा रविवार को अपना उत्पाद विक्रय करना चाहते हैं तो वह जिला पंचायत कार्यालय में संपर्क कर स्थान प्राप्त कर सकते हैं। ग्रामीण हाट बाजार में नावदापंथ सिंदौड़ा, सिमरोल, भांगिया, उमरिया, मांगलिया, सांवेर आदि गांवों के किसान हस्तशिल्पियों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं ने अपने स्टाल लगाये थे। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री रिंकेश वैश्य, एसडीएम श्री प्रदीप सोनी, मध्य प्रदेश आजीविका परियोजना के नोडल अधिकारी श्री हिमांशु शुक्ला तथा कृषि तकनीकी प्रबंध संस्था (आत्मा) की परियोजना संचालक श्री शर्ली थॉमस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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