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राज्य कृषि समाचार (State News)

ब्रॉड बेड फरो से सोयाबीन बुआई का कलेक्टर सीहोर ने किया अवलोकन

10 जुलाई 2024, सीहोर: ब्रॉड बेड फरो से सोयाबीन बुआई का कलेक्टर सीहोर ने किया अवलोकन – कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह द्वारा सीहोर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जमुनिया के ग्राम पड़ली में ब्रॉड बेड फरो (बीबीएफ) पद्धति से सोयाबीन बुआई का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों तथा कृषि विभाग के उप संचालक श्री के.के पाण्डे से ब्राड बेड फरो से बुआई के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कलेक्टर श्री सिंह ब्रॉड बेड फरो पद्धति से बुवाई से लाभ के बारे में किसानों को बताने और जागरूक तथा प्रेरित करने के कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।

ब्रॉड बेड फरो को मूल रूप से सोयाबीन के खेतों में पानी की समस्या से निपटने के लिए विकसित किया गया है। जहां हल्की एवं मध्यम काली मिट्टी वाले क्षेत्र है, वहां पर कृषकों को ब्रॉड बेड फरो (बीबीएफ) या चौड़ी क्यारी और नाली पद्धति से बुआई की जाती है। मिट्टी की नमी का प्रबंधन वर्षा के पानी का मिट्टी में रिसाव तथा नमी अवधारणा को बढ़ाकर एवं पानी के बहाव तथा मृदा अपरदन को कम करने के लिये इसका उपयोग किया जाता है। इस प्रकार बी.बी.एफ मशीन द्वारा गहरी नाली बनाकर अधिकतम वर्षा के दौरान जल की निकासी की जाती है तथा कम वर्षा होने पर गहरी नाली नमी के संरक्षण का काम करती है। जिससे दोनों स्थितियों के हानिकारक प्रभाव कम हो जाते है।

ब्रॉड बेड फरो पद्धति की विशेषताएँ-  ब्रॉड बेड फरो में सीड प्लेसमेन्ट हेतु एडजेस्टमेंट की सुविधा दी गई होती है। इस बहुउद्देशीय मशीन का उपयोग प्रदाय किये गये फरो ओपनर को जोड़कर एवं हटाकर खरीफ व रबी दोनों फसलों के लिए किया जा सकता है। इस मशीन से पंक्ति से पंक्ति की दूरी एडजेस्ट की जा सकती है। ब्रॉड बेड फरो से बने चैनलों या नाली के माध्यम से आसानी से सिंचाई की जा सकती है। ब्रॉड बेड फरो में बोये गये बीजों को मिट्टी से एक साथ  ढंकने की सुविधा होती है। ब्रॉड बेड फरो में 5 फरो ओपनरों के साथ 4 अतिरिक्त फरो ओपनर का प्रावधान है। इस तकनीक के उपयोग से फसल उत्पादन में 14.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है।

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