नमूना परीक्षण रिपोर्ट नहीं मिलने से मामला अटका
शिवपुरी जिले में फफूंदनाशक से चना और मसूर फसल हुई थी खराब
28 फरवरी 2026, इंदौर: नमूना परीक्षण रिपोर्ट नहीं मिलने से मामला अटका – गत दिनों शिवपुरी जिले के खतौरा में फफूंदनाशक के छिड़काव से 10 गांवों के किसानों की चना और मसूर की फसल ख़राब होने का मामला सामने आया था। इस बहुचर्चित मामले में किसानों की शिकायत के बाद कृषि विभाग ने जांच दल गठित किया था।कृषि विभाग द्वारा संबंधित दुकान से एकत्रित सैंपलों को जांच के लिए भेजकर दुकान को बंद कर दिया गया था। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित विक्रेता अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र , खतौरा , कम्पनी श्रीकर बायोटेक प्रा लि के जोनल मैनेजर एवं शिवपुरी प्रभारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज़ की गई थी। घटना के करीब एक माह बाद भी एकत्रित नमूनों की परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने से मामला अटक गया है।
उल्लेखनीय है कि शिवपुरी जिले के खतौरा ,एडवारा,विजरौनी आदि 10 गांवों के किसानो ने अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र , खतौरा से श्रीकर बायोटेक प्रा लि कम्पनी का फफूंदनाशक उत्पाद कलिंगा खरीदा था , जिसका किसानों ने जब चना और मसूर फसल पर छिड़काव किया तो पट्टियां जल गई और पत्ते सूख गए थे। इससे क्षेत्र की बड़े रकबे की फसल प्रभावित हुई थी। किसानों की शिकायत के बाद इस मामले में श्री पानसिंह करोरिया ,उप संचालक कृषि , शिवपुरी ने जांच दल गठित किया था। जांच दल द्वारा फसलों का निरीक्षण किया गया , जिसमें किसानों की शिकायत को सही पाया गया। जांच दल के प्रतिवेदन के आधार पर श्री के कोली ,वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , बदरवास द्वारा अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र , खटावरा के संचालक मनोज जैन ,श्रीकर बायोटेक प्रा लि के जोनल मैनेजर रामवीरसिंह यादव और शिवपुरी प्रभारी मनोज जैन के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज़ कराई गई थी।
उक्त मामले में श्री के कोली ,वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी , बदरवास ने कृषक जगत को बताया कि दुबारा फसल का निरीक्षण किया गया था , जिसमें फसल खड़ी हो गई थी , लेकिन चना फसल में फूल कम पाए गए थे। गर्मी के कारण फूल से फल में बदलने की संभावना कम दिखाई दी । मसूर फसल में उकठा रोग था। उसमें दवाई नहीं डाली गई थी। संबंधित दुकान से एकत्रित किए गए नमूनों की परीक्षण रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। जहां तक किसानों को मुआवजा देने का प्रश्न है, तो इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि अब यह मामला न्यायालय के अधीन है।
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