कृषि मंत्री की घोषणा मात्र घोषणा रह गई

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कृषि मंत्री की घोषणा मात्र घोषणा रह गई

एम एसपी पर मूँग नहीं ख़रीदेगी सरकार

किसानों ने कहा – धोखा हुआ

11 जुलाई 2020, भोपाल । कृषि मंत्री की घोषणा मात्र घोषणा रह गई – होशंगाबाद , हरदा जिले के लाखों मूँग किसानों की उम्मीदों पर इस वर्ष पानी फिर गया । मूँग की सरकारी खरीद की आस लगाए किसान मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री के मूंग नहीं ख़रीदने के बयान से नाराज़ हैं । कृषि मंत्री कमल पटेल ने जून माह में किसानों को आश्वासन दिया था कि सरकार समर्थन मूल्य पर मूँग खरीद करेगी ।किसान भाई अपनी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिये पंजीयन संबंधी कार्यवाही 4 से 15 जून के मध्य पूर्ण कर लें। हरदा के विधायक और कृषि मंत्री के इस झुलावे में आकर किसान भुलावे में आ गए ।परंतु किसानों का पंजीयन भी नहीं हुआ और ख़रीदी की कार्यवाही नहीं हुई । कोरोना काल की विपरीत परिस्थिति में किसानों ने मूँग की बोवनी की थी , और पूरे साल की यह उपज किसानों के लिए बोनस होती है ।

मप्र के वेअरहाउस ,सायलो गेहूँ से लबालब भरे हैं। प्रदेश में वर्ष 2020 में मूँग का संभावित उत्पादन 5.76 लाख मीट्रिक टन हुआ है। हालाँकि कुल मूँग उत्पादन का केवल २५ प्रतिशत याने लगभग सवा लाख टन ही ख़रीदने का प्रस्ताव रखा गया था , परंतु शासन स्तर पर सहमति नहीं बन पाई ।केन्द्र सरकार ने मूँग की एम एस पी .7196 रूपए प्रति क्विंटल रखी है ।परंतु सरकारी खरीद न होने के कारण मूँग के दाम मंडियों में 3500-5500 रू. पर सिमट गए हैं ।

मूँग उत्पादक किसानों का सवाल है कि यदि कृषि मंत्री कमल पटेल के चिट्ठी लिखने पर भारत सरकार राजीव गांधी फ़ाउंडेशन की सीबीआई जाँच के आदेश दे सकती है , और कृषि मंत्री अपनी पीठ थपथपा सकते हैं , तो कृषि मंत्री के कहने पर सरकार मूँग ख़रीदी क्यों नही कर सकती ?

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