राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में रोजाना 1 करोड़ लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य, ‘सुधा’ को अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनाने की तैयारी

13 अगस्त 2026, पटना: बिहार में रोजाना 1 करोड़ लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य, ‘सुधा’ को अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनाने की तैयारी – बिहार सरकार ने राज्य में दुग्ध उत्पादन और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नालंदा के बिहार शरीफ डेयरी परियोजना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार में प्रतिदिन 1 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन करना है। इसके साथ ही राज्य के लोकप्रिय डेयरी ब्रांड ‘सुधा’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी व्यापक पहल की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही एवं लस्सी प्लांट, कॉम्फेड द्वारा संचालित HPCL पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया का शिलान्यास किया। इस अवसर पर 300 खुदरा विक्रेताओं को डीप फ्रीजर वितरित किए गए। पशु उठाव एवं परिवहन वाहनों को हरी झंडी दिखाने के साथ पशुपालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई।

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में दुग्ध क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। सरकार आधुनिक तकनीक, उन्नत नस्ल के पशु, बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाओं और मजबूत डेयरी अवसंरचना के माध्यम से दूध उत्पादन में बड़ा इजाफा करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि नए दही एवं लस्सी प्लांट से दूध उत्पादकों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। इससे पशुपालकों की आय बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। प्रसंस्करण क्षमता बढ़ने से दूध से बनने वाले उत्पादों के लिए बाजार का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

बकरी पालन के लिए बनेगा अलग फेडरेशन

मुख्यमंत्री ने राज्य में बकरी पालन को संगठित और व्यावसायिक रूप देने के लिए अलग फेडरेशन गठित करने की घोषणा की। इसके माध्यम से बकरी के दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्थित व्यवस्था विकसित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे बकरी पालन से जुड़े ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से महिलाओं को इससे आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका दीदियां पहले से ही बकरी पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं और उनके प्रयासों को संगठित डेयरी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

नालंदा बनेगा डेयरी प्रोसेसिंग हब

सरकार ने नालंदा को बिहार के प्रमुख दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी प्रोसेसिंग केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड चेन, विपणन नेटवर्क और नई डेयरी परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ उसके प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूत करना है। इससे पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। वहीं, ‘सुधा’ ब्रांड के विस्तार के जरिए बिहार के डेयरी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जाएंगे।

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