गेहूं में बढ़वार डीएपी 2 प्रतिशत का घोल छिड़कें

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पन्ना। कृषि विज्ञान केन्द्र, पन्ना द्वारा ग्राम नारंगी बाग तथा गुखौर में कृषकों के प्रक्षेत्रों पर आयोजित अग्रिम पंक्ति प्रदर्शनों का अवलोकन डॉ. रमेश चंद्र, (एसीटीओ) भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान निदेशालय, करनाल भारत सरकार द्वारा किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र, पन्ना के वैज्ञानिक डॉ. आर.पी. सिंह ने बताया कि उन्नत तकनीक पर आधारित यह प्रदर्शन गेहूं एवं जौ का उत्पादन बढ़ाने की तकनीकी पर आधारित है।
प्रदर्शनों के अंतर्गत कृषकों को गेहूं की उन्नत किस्म डी.वी.डब्ल्यू.-110 एवं जौ की उन्नत किस्म आर.डी.-2899 दी गई है। ग्राम गुखौर में उपस्थित कृषकों को डॉ. रमेशचन्द्र ने फसल को बीज के रूप मे अन्य कृषकों को विक्रय करने की सलाह दी। श्री रितेश बगोरा ने कृषकों द्वारा गेहंू की फसल की बढ़वार हेतु उपाय पूछने पर घुलनशील उर्वरक एनपीके एक प्रतिशत अथवा डीएपी 2 प्रतिशत का घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी।

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