राज्य कृषि समाचार (State News)

पांढुर्ना में पाला प्रभावित कपास फसल का किया मौका निरीक्षण

15 फरवरी 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना)पांढुर्ना में पाला प्रभावित कपास फसल का किया मौका निरीक्षण – पांढुर्ना क्षेत्र के किसानों  द्वारा  गत माह पाले एवं कीट से प्रभावित हुई कपास फसल को लेकर जन सुनवाई में शिकायती आवेदन देकर मुआवजे की मांग की गई थी। करीब एक माह बाद  शुक्रवार को राजस्व और कृषि विभाग की टीम   ग्राम धावड़ीखापा एवं अन्य गांव में पहुंची और  कपास की खड़ी फसल का मौका निरीक्षण कर पंचनामा बनाया गया। लेकिन इस सरकारी लेटलतीफी से  किसान नाराज़  दिखे।

उल्लेखनीय है कि पांढुर्ना तहसील के ग्राम धावड़ीखापा , मोरडोंगरी , नीलकंठ आदि गांवों में जनवरी के दूसरे सप्ताह में पड़े पाले और कीट प्रभाव से  किसानों की कपास की 60 -70  % तक फसल खराब हो गई थी , जिसे लेकर पूर्व मंत्री श्री  नानाभाऊ मोहोड़ और भारतीय किसान संघ , पांढुर्ना द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन  सौंपा गया था , वहीं  किसानों ने कलेक्टर की जन सुनवाई में शिकायत कर मुआवजे की मांग की थी। शिकायत के करीब एक माह  बाद राजस्व और कृषि विभाग की टीम शुक्रवार को धावड़ीखापा और नीलकंठ पहुंची और  6 -7  किसानों की  कपास  फसल का मौका निरीक्षण कर पंचनामा बनाया गया।  

 धावड़ीखापा के किसान श्री प्रकाश चंद्र देशमुख और श्री मंसाराम खोड़े ने  कृषक जगत को बताया कि लालिया रोग और कीट प्रभाव से कई किसानों की  60 -70  % कपास  फसल  प्रभावित हो  गई , जिससे पैदावार में कमी हुई । जहां पहले 0.4  हेक्टेयर में 12 -15   क्विंटल कपास होता था , वह वर्तमान में 3 -4  क्विंटल  होना पाया गया। किसानों का कहना था कि यदि  प्रभावित फसल का  समय पर निरीक्षण हो जाता तो फसल क्षति का आकलन सही बैठता, तो मुआवजा  भी  उचित मिलता। निरीक्षण में  विलम्ब  से होने से  जायद की फसलों में भी देरी हो रही थी।   कपास फसल के मौका निरीक्षण के दौरान  राजस्व विभाग की ओर से पटवारी श्री पंकज  कुमरे एवं कृषि विभाग की ओर से श्री राहुल सरयाम ,शिवानी चौरे और शिवानी उइके मौजूद थे।  किसानों की इस समस्या को कृषक जगत के 12 जनवरी के अंक में ‘  पांढुर्ना क्षेत्र में पाले से फसलों को हुआ भारी नुकसान ‘  शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।

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