म.प्र. में सोयाबीन बीज में मिलावट, किसान को हुआ लाखों का नुकसान

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(विशेष प्रतिनिधि)

21 सितम्बर 2021, भोपाल । म.प्र. में सोयाबीन बीज में मिलावट, किसान को हुआ लाखों का नुकसान – ग्राम धावड़ीखापा तहसील पांढुर्ना जिला छिंदवाड़ा के किसान श्री मंसाराम खोड़े और उनकी पत्नी वनमाला खोड़े ने कृषि विकासखंड पांढुर्ना से सोयाबीन किस्म आरवीएस -2001-4 का 30 बेग बीज खरीदा था, लेकिन जब इनकी बुवाई की गई तो अंकुरण के बाद पता चला कि उक्त बीजों में मिलावट की गई थी। बीज आरवीएस-2001-4 का था, जिसमें अन्य किस्म का बीज मिलाए जाने का आरोप लगाया गया है। इस मिलावटी बीज के कारण किसान की फसल प्रभावित हुई और उसे लाखों का नुकसान हुआ है। पीडि़त किसान ने विभागीय अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री को भी शिकायत कर इंसाफ की मांग की है।

इस संबंध में पीडि़त किसान के बेटे श्री उमेश खोड़े ने कृषक जगत को बताया कि इस वर्ष खरीफ फसल के लिए कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, पांढुर्ना से सोयाबीन किस्म आरवीएस-2001-4 के बीज के 30 बेग खरीदे थे। जब इन बीजों की 10 एकड़ में बुवाई की गई तो अंकुरण के बाद पता चला कि कृषि विभाग द्वारा दिया गया बीज मिलावटी निकला। आरवीएस-2001-4 के बीज में अन्य किस्म का बीज बड़ी मात्रा में मिलाकर फर्जीवाड़ा किया गया। मिलावटी बीज के कारण फसल प्रभावित हुई और करीब 8 लाख का नुकसान हो गया। कृषि विभाग को उक्त बीज उत्पादक और विपणनकर्ता श्री पंढरीनाथ बीज उत्पादक प्राथमिक सहकारी समिति मर्यादित वाड़ेगांव, पांढुर्ना जिला छिंदवाड़ा द्वारा प्रदाय किया गया था। श्री उमेश ने बताया कि इस किस्म को 4 साल से बो रहे हैं, लेकिन पहले कभी शिकायत नहीं आई। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और विभागीय अधिकारियों को करने के बाद गत दिनों जाँच के लिए जिले से एक दल आया था, जिसमें चंदनगांव से श्री चंचल भार्गव,एसडीओ श्री दीपक चौरसिया और प्रभारी एसएडीओ श्री जे. एस. कोहले शामिल थे। इन अधिकारियों ने शिकायत को सही पाया है।

मिलावट में बीज माफिया की भूमिका?

कृषि विभाग ने अधिकृत बीज एजेंसी पंढरीनाथ सोसायटी, वाड़ेगांव से प्रमाणित बीज खरीदने के बाद संबंधित किसान को बीज बेचा था तो इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं मसलन मिलावट कहाँ और कैसे हुई ? क्या इस मामले में बीज माफिया की कोई भूमिका थी? क्या अधिकृत एजेंसी ने बीज में मिलावट की? यह बहुत महत्वपूर्ण मामला है जिसकी गंभीरता से जाँच होनी चाहिए। राज्य के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल भी सोयाबीन को घाटे का सौदा बता चुके हैं, ऐसे में यदि किसान कृषि विभाग के माध्यम से अधिकृत एजेंसी से खरीदे गए बीज में भी धोखा खाएगा तो आखिर वह कहाँ से शुद्ध बीज खरीदेगा यह सवाल अहम है।

इस बारे में पांढुर्ना के प्रभारी एसएडीओ श्री जे. एस. कोहले ने कृषक जगत को बताया कि हाल ही में विकासखंड का प्रभार लिया है, इसलिए पूरे मामले की जानकारी नहीं है। फिर भी संबंधित कृषक की शिकायत पर जिला मुख्यालय से गठित टीम द्वारा गत दिनों शिकायतकर्ता के अलावा अन्य खेतों का भी निरीक्षण कर पंचनामा बनाया गया। फसल में विसंगति पाई गई है। यह मामला कलेक्टर के संज्ञान में है।जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। किसान का अहित नहीं होने देंगे।

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