देश में सोयाबीन उत्पादन 119 लाख टन होने का अनुमान

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(विशेष प्रतिनिधि )

19 अक्टूबर 2021, इंदौर । देश में सोयाबीन उत्पादन 119 लाख टन होने का अनुमान– खराब मौसम और विस्तारित मानसूनी बारिश के कारण कुछ राज्यों में सोयाबीन की फसलों को नुकसान की रिपोर्ट के बावजूद, इस साल देश में सोयाबीन का उत्पादन बढऩे की संभावना व्यक्त की गई है, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में बुवाई क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई है।

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा)द्वारा अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव के दौरान जारी नए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में देश में सोयाबीन का उत्पादन 118.889 लाख टन होने का अनुमान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.71 प्रतिशत अधिक है। सोयाबीन का उत्पादन 123.677 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान था, लेकिन 119.984 लाख हेक्टेयर भूमि पर ही सोयाबीन की बुवाई की गई । सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2021 के लिए प्रति एकड़ सोयाबीन की औसत उपज 2020 के दौरान 883 किलोग्राम/हेक्टेयर के मुकाबले 991 किलोग्राम/ हेक्टेयर अधिक आंकी गई है।

मध्य प्रदेश में इस साल बारिश देरी से होने और रकबा कम होने से उत्पादन कम होने की आशंका के विपरीत, सोयाबीन का उत्पादन 41.772 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 52.293 लाख टन होने का अनुमान है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और गुजरात में सोयाबीन का उत्पादन अधिक होने का अनुमान है। महाराष्ट्र में सोयाबीन का उत्पादन गत वर्ष के 45.444 लाख टन के मुकाबले 48.324 लाख टन, तेलंगाना में 1.644 लाख टन के मुकाबले 3.540 लाख टन, कर्नाटक में 3.732 लाख टन के मुकाबले 3.846 लाख टन और गुजरात में सोयाबीन का उत्पादन पिछले साल के 1.450 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 2.271 लाख टन होने का अनुमान है। इस साल मध्य प्रदेश और राजस्थान में सोयाबीन के रकबे में गिरावट देखी गई है। सोपा के अनुसार मध्य प्रदेश में गत वर्ष सोयाबीन का रकबा 58.540 लाख हेक्टेयर था, जो इस साल घटकर 55.688 लाख हेक्टेयर रह गया।

इसी तरह राजस्थान में इस साल सोयाबीन की बुवाई का रकबा घटकर 9.254 लाख हेक्टेयर रह गया, जो गत वर्ष 11.002 लाख हेक्टेयर था। जबकि देश के दूसरे सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में इस वर्ष सोयाबीन का रकबा 40.797 लाख हेक्टेयर से बढक़र 43.849 लाख हेक्टेयर हो गया।

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