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राज्य कृषि समाचार (State News)

माटी पुत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समझते हैं किसानों और गौमाता का दर्द

27 मई 2025, भोपाल: माटी पुत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समझते हैं किसानों और गौमाता का दर्द – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, डॉ. मोहन यादव स्वयं एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और ग्रामीण परिवेश तथा किसानों की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं। उनका किसानों और पशुपालकों के प्रति गहरा लगाव और संवेदनशीलता उनके निर्णयों में स्पष्ट झलकती है। वे जानते हैं कि एक किसान के लिए गौवंश का क्या महत्व है और सड़कों पर भटकते बेसहारा पशुओं को देखकर उन्हें कितनी पीड़ा होती है।

यही कारण है कि गौवंश संरक्षण और संवर्धन उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। वे न केवल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हैं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी गौ-सेवा के कार्यक्रमों में रूचि लेते हैं। उनका मानना है। कि गौमाता की सेवा सच्ची ईश्वर की सेवा है और ग्रामीण जीवन की आत्मा है। उनकी इसी संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण आज मध्यप्रदेश गौ-सेवा के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार के हालिया निर्णय उनकी गहरी संवेदनशीलता और दूरदृष्टि को दर्शाते हैं। गौमाता के प्रति सेवाभाव और अन्नदाता किसानों के उत्थान का संकल्प उनके हर निर्णय में प्रतिबिंबित होता है। उनका मानना है कि प्रदेश का हर बेसहारा गौवंश और गौमाता हमारी सेवा का पात्र है और किसान हमारा अन्नदाता इनका उत्थान ही हमारा परम लक्ष्य है I

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”संवेदना से समृद्धि की ओर-यही है नया मध्यप्रदेश”

📍 मंत्रिमंडल के इन जनहितैषी निर्णयों से:
📍 निराश्रित गौवंश को मिलेगा सम्मान और सुरक्षा
📍 पशुपालकों और किसानों की आय बढ़ेगी, जीवन स्तर सुधरेगा।
📍 ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, नए रोजगार सृजित होंगे।
📍 कृषि ओर शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति होगी।

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