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राज्य कृषि समाचार (State News)

इतना सस्ता कितना सस्ता! महज दो रुपए दो और पौधे लो

24 अप्रैल 2025, भोपाल: इतना सस्ता कितना सस्ता! महज दो रुपए दो और पौधे लो – जी हां यूपी में किसानों को महज दो रुपये खर्च कर टमाटर, मिर्च और अन्य सब्जियों के पौधे आसानी से मिल सकेंगे। दरअसल यूपी के मिर्जापुर में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत उद्यान विभाग की तरफ से बिसुंदपुर स्थित राजकीय पौधशाला में मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कराया गया है जहां से किसान दो रुपए खर्च कर पौधों को प्राप्त कर सकते है।

हाईटेक पौधशाला से टमाटर और मिर्च और अन्य सब्जियों के पौधे मात्र दो रुपये में किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान अपना बीज देकर भी केंद्र पर पौधा लगवा सकते हैं। ऐसे किसानों को प्रति पौधा मात्र 1 रुपये ही देना होगा। हाईटेक पौधशाला में सीड ग्रोइंग चैंबर का निर्माण किया गया है। सीडिंग की सहायता से सीड की बुआई ट्रे में की जाएगी। इसमें नियंत्रित वातावरण में स्वस्थ व रोग मुक्त पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पौधशाला का हार्डनिंग चैम्बर का निर्माण हुआ है। 20 दिन बाद सीड ग्रोइंग चैम्बर से तैयार पौधों को हार्डनिंग चैंबर में रखा जाता है, ताकि ये खेतों में लगाने के लिए तैयार हो जाएं। इसके बाद हार्डनिंग चैम्बर में तैयार पौधों को किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यान विभाग की तरफ से किसानों को शाकभाजी, फल, मसाला, पुष्प के पौधे उपलब्ध कराए जाएँगे, हाईटेक पौधशाला का उद्देश्य बीजों के जमाव प्रतिशत को बढ़ाना, सूक्ष्म एवं मृदु बीजों से पौधों का सुविधापूर्वक उत्पादन, गुणवत्तायुक्त पौध तैयार करना है। पौधशाला में सिंचाई बूमर तकनीक से की जाती है। इससे पौधों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता है। बूमर तकनीक से पानी एवं पोषण देने से पौधों को समान पोषण मिलता है। हाईटेक पौधशाला में एक वर्ष में लगभग 12 लाख पौधों का उत्पादन किया जाएगा। हाईटेक पौधशाला में बाहरी वातावरण जैसे सर्दी, गर्मी, वर्षा एवं अन्य प्राकृतिक कारकों को नियंत्रित कर सब्जियों की पौध का उत्पादन किया जाता है। प्राकृतिक प्रतिकूल कारकों को नियंत्रण में रखने के साथ हाईटेक पौधशाला में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा 2 से 3 गुना बढ़ जाती है। हाईटेक पौधशाला में बाहर एवं अंदर के तापक्रम में 10-15 डिग्री सेल्सियस का अंतर रहता है इससे पौधों को अनुकूल वातावरण मिलता है।

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