किसानों के खाते में किया 6900 करोड़ का रिकॉर्ड ऑनलाइन भुगतान

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म. प्र. मार्कफेड ने बनाया उपार्जन का कीर्तिमान

(विशेष प्रतिनिधि)

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28 जून 2021, भोपाल ।  किसानों के खाते में किया 6900 करोड़ का रिकॉर्ड ऑनलाइन भुगतान – मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) किसानों को रसायनिक उर्वरकों की समुचित व्यवस्था सहकारी समितियों के माध्यम से करता है, जिसके तहत खरीफ एवं रबी सीजन में उर्वरकों की व्यवस्था के अतिरिक्त रसायनिक उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण किया जाता है। इसके साथ-साथ मार्कफेड द्वारा राज्य में केन्द्र सरकार की विकेन्द्रीयकृत उपार्जन प्रणाली (डीसीपी) के तहत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं एवं धान का उपार्जन भी सहायक एजेन्सी के रूप में किया जाता है। कोरोनाकाल की विकट परिस्थिति में इस वर्ष रबी सीजन में विपणन संघ को इंदौर एवं जबलपुर संभाग के 16 जिलों में गेहूं खरीदी का 26.50 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य के विरुद्ध विपणन संघ द्वारा 30.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की गई जो लक्ष्य से लगभग 4 लाख मीट्रिक टन अधिक है।

इस वर्ष प्रदेश में समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदी की गई है। इसके साथ ही भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत मार्कफेड ने राज्य के सभी जिलों में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी नेफेड की एजेंसी के रूप में की है। मध्यप्रदेश के सहकारिता एवं लोकसेवा प्रबंधन मंत्री श्री अरविन्द सिंह भदौरिया के कुशल मार्गदर्शन के कारण यह संभव हो सका है। भिण्ड जिले की अटेर विधानसभा से निर्वाचित विधायक श्री भदौरिया कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र के बेहतरी के लिए सतत प्रयत्नशील है। गांव के हर घर में नल हो, बिजली हो, किसानों की आमदनी दूनी हो, सारी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रति चिंतित है। कोरोनाकाल में वे वैक्सीनेशन के लिए कृषकों एवं ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हंै। उनके कुशल मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में मार्कफेड ने खरीदी केन्द्रों पर चाक-चौबंद व्यवस्था की तथा किसानों को उनके खाते में समय पर भुगतान किया जा सका।

128.16 लाख मी. टन गेहूं खरीदी

रबी विपणन वर्ष 2021-22 में म.प्र. राज्य की उपार्जन एजेन्सियों म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ एवं एम.पी. स्टेट सिविल सप्लॉईज कारपोरेशन लि. द्वारा 31 मई-2021 तक एजेन्ट सहकारी समितियों के माध्यम से 17.25 लाख किसानों से 128.16 लाख मी. टन गेहूं का उपार्जन किया गया है।

केन्द्रों को सुविधाजनक बनाया

जिलों में खरीदी को सुविधाजनक बनाने एवं किसानों के हितों को देखते हुए मंत्री श्री भदौरिया के निर्देश पर ही इस वर्ष उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से उपज सूखी, साफ एवं छन्ना लगी हुई उपज लाने हेतु प्रेरित किया गया। फसल एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता संबंधी सामान्य जानकारी दी गई। आवश्यकता होने पर किसानों की उपज को छनाई एवं साफ करने की व्यवस्था भी खरीदी केन्द्रों पर की गई। इसके अतिरिक्त उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए स्वच्छ पीने के पानी एवं शौचालय की व्यवस्था का ध्यान रखा गया।

मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री पी. नरहरि ने विपणन व्यवस्था विस्तार से बताते हुए कहा कि विपणन संघ को इस सीजन में शासन द्वारा 16 जिले आवंटित किये गये। इन खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत 5.71 लाख किसानों में से 3.93 लाख किसानों से 30.37 लाख मी. टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। यह लक्ष्य की तुलना में लगभग 4 लाख मी. टन अधिक है। गेहूं उपार्जन के लिए भारत सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर 256 लाख 32 हजार नग बारदाने की व्यवस्था की गई थी जिसमें से दो संभागों जबलपुर एवं इंदौर के लिए मार्कफेड को 60.74 लाख नग बारदाने दिये गये।

आधुनिक तकनीक से भण्डारण, परिवहन

विपणन संघ द्वारा लगभग 9.45 लाख मी. टन अनाज का भण्डारण व्यवस्थित रूप से स्टील सायलो बेग में किया गया। निर्धारित लक्ष्य से अधिक खरीदी होने की स्थिति में भण्डारण क्षमता पूरी हो जाने पर निकटतम सरप्लस वाले जिलों में अनाज परिवहन भी कराया गया। वहीं एफ.सी.आई. को ‘एÓ एवं ‘बीÓ मोड से सीधे 21 जिलों में लगभग 4.06 लाख मी. टन स्टॉक का ट्रांसफर कर दिया गया है। कोरोना की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां होते हुये भी विपणन संघ द्वारा संपूर्ण स्टॉक अनाज का 100 प्रतिशत सुरक्षित भण्डारण किया गया।

विपणन संघ द्वारा वर्तमान रबी विपणन वर्ष में कुल 30.37 लाख मी. टन गेहूं की एमएसपी पर खरीदविरूद्ध किसानों को 5961.87 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया गया।

चना, मसूर, सरसों की खरीदी

भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में चना, मसूर का उपार्जन नेफेड की एजेंसी के रूप में म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा किया गया। जिसमें चने के लिए 723386, मसूर के लिए 195509 कृषकों ने पंजीयन कराया। किसानों से एम.एस.पी. 5100 रुपये प्रति क्विंटल पर चना एवं मसूर की खरीदी की गई।

वहीं रबी विपणन वर्ष 2021-22 में विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में पी.एस.एस. योजना के तहत चना 908225 मी. टन, मसूर 113825 मी. टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके विरूद्ध मार्कफेड द्वारा 193706 मीट्रिक टन चना एवं 18.35 मीट्रिक टन मसूर खरीदी गई। सरसों की खरीदी के लिए भी किसानों ने पंजीयन कराया था परन्तु मंडी में समर्थन मूल्य 4650 रु. प्रति क्विंटल से अधिक लगभग 5000 रु. प्रति क्विंटल से अधिक भाव मिलने के कारण एमएसपी पर खरीद नहीं पाई।

विश्वव्यापी महामारी कोरोना संकट के चलते राज्य सरकार द्वारा कोरोना कफ्र्यू घोषित होने के बावजूद भी विपरीत परिस्थितियों में विपणन संघ के मैदानी अमले द्वारा चुनौतियों का सामना करते हुये उपार्जन कार्य पूर्ण किया गया। लगभग 154.20 लाख बारदाने की व्यवस्था विपणन संघ द्वारा नेफेड के माध्यम से की गई। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री पी. नरहरि के कुशल नेतृत्व एवं सतत् मॉनीटरिंग के कारण किसानों की उपज खरीदी कर अनाज का वैज्ञानिक तरीके से शत-प्रतिशत सुरक्षित भण्डारण किया गया। किसानों का भुगतान सही समय पर सीधे उनके खाते में कराने के लिए जस्ट इन टाइम (JIT) पोर्टल के माध्यम से पूर्ण तत्परता से व्यवस्था की गई। किसानों को लगभग 912 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

JIT क्या है?

किसानों को सही समय पर ऑनलाइन भुगतान करने के लिए जस्ट इन टाइम (JIT पोर्टल बनाया गया है अर्थात् सही समय पर। किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर बेची गई फसलों का भुगतान करना। JIT पोर्टल के माध्यम से केवल गेहूं, धान, ज्वार, चना, मसूर एवं सरसों का ऑनलाइन भुगतान किया जाता है।

प्रदेश में गेहूं खरीदी
विवरण प्रदेश में उपार्जन की स्थिति  विपणन संघ के जिलों में उपार्जन की स्थिति
पंजीकृत किसान  24.72 लाख 5.71 लाख
कुल किसान जिनसे खरीदी की गई  17.25 लाख 3.93 लाख
कुल खरीदी मात्रा 128.16 लाख मे. टन 30.37 लाख मे. टन
खरीदी की कुल राशि 25312.71 करोड़ 5997.63 करोड़
भुगतान की गई राशि 25018.43 करोड़ 5961.87 करोड़
बारदाना (नग में) 256.32 लाख 60.74 लाख

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