राजगढ़: प्राकृतिक खेती से समृद्धि की नई राह पर रघुनन्दन सिंह
22 सितंबर 2026, राजगढ़: राजगढ़: प्राकृतिक खेती से समृद्धि की नई राह पर रघुनन्दन सिंह – जिले के ब्यावरा विकासखण्ड के ग्राम कनारेखेड़ी निवासी किसान श्री रघुनंदन सिंह ने प्राकृतिक खेती को अपनाकर खेती के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी पूरी खेती को प्राकृतिक खेती में परिवर्तित कर रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम की है। इससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता में भी सुधार हुआ है।
श्री सिंह ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के लगातार उपयोग से खेती की लागत बढ़ने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इसे देखते हुए उन्होंने प्राकृतिक खेती को अपनी खेती का आधार बनाया। प्राकृतिक खेती के माध्यम से वे स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में खेती कर रहे हैं।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने गांव में बायो रिसोर्स सेंटर भी स्थापित किया है। इस सेंटर में जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, निमास्त्र, दशपर्णी अर्क एवं ब्रह्मास्त्र जैसे प्राकृतिक कृषि आदानों को तैयार किया जाता है। इनका उपयोग स्वयं की खेती में करने के साथ-साथ आसपास के किसानों को भी उपलब्ध कराया जाता है। इससे अन्य किसान भी प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं। प्राकृतिक खेती अपनाने से श्री सिंह की खेती में रासायनिक आदानों पर होने वाला खर्च कम हुआ है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता एवं जल धारण क्षमता में सुधार के कारण खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिली है। बायो रिसोर्स सेंटर के माध्यम से उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त हुआ है।श्री सिंह का कहना है कि प्राकृतिक खेती कम लागत में खेती करने, मिट्टी एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और किसानों की आय के अतिरिक्त साधन विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उनका प्रयास आसपास के अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रेरित करना है।
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