राजगढ़: कटहल बागवानी से बढ़ी समृद्धि की उम्मीद
22 सितंबर 2026, राजगढ़: राजगढ़: कटहल बागवानी से बढ़ी समृद्धि की उम्मीद – प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 – वाटरशेड विकास परियोजना ने जिले के खिलचीपुर विकासखण्ड के ग्राम गोपालपुरा निवासी कृषक श्री जानकी लाल की खेती को नई दिशा दी है। परियोजना से पहले क्षेत्र में कृषि मुख्य रूप से वर्षा आधारित थी। पानी के बहाव के कारण खेतों में नमी एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं हो पाता था। किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर थे, जिससे कम आय, अधिक लागत और मौसम आधारित जोखिम का सामना करना पड़ता था। वाटरशेड परियोजना के अंतर्गत जानकी लाल ने वर्ष 2024 में अपनी एक बीघा निजी भूमि पर 70 उच्च गुणवत्ता वाले कटहल के पौधों का रोपण किया। जल एवं मृदा संरक्षण के उपायों से पौधों को अनुकूल वातावरण मिला और वर्तमान में सभी पौधे लगभग 6 फीट की ऊंचाई प्राप्त कर चुके हैं।
कटहल के पौधों को अपनाकर जानकी लाल ने पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है। पौधों के बीच उपलब्ध स्थान में अन्य फसलों की खेती कर वे अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं। आगामी वर्षों में कटहल के पौधों से फल उत्पादन शुरू होने पर लगभग 90 हजार से 1.25 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त होने की संभावना है।
जानकी लाल के खेत में विकसित कटहल के पौधे अब गांव के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बन रहे हैं। वाटरशेड परियोजना के माध्यम से जल एवं मृदा संरक्षण के साथ किसानों को बागवानी एवं फसल विविधीकरण से जोड़कर उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम गोपालपुरा की यह कहानी सरकारी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से खेती में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


