जयपुर में राजीविका दिवाली मेला शुरू, ग्रामीण महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पादों की बढ़ी मांग
31 अक्टूबर 2026, जयपुर: जयपुर में राजीविका दिवाली मेला शुरू, ग्रामीण महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पादों की बढ़ी मांग – राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) की ओर से आयोजित आठ दिवसीय राजीविका दिवाली मेला-2026 के दूसरे दिन ग्रामीण महिलाओं के हुनर, मेहनत और उद्यमशीलता की झलक देखने को मिली। जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान (आईजीपीआरएस) परिसर में आयोजित इस मेले में खरीदारों का उत्साह नजर आया। ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पाद आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं। दिवाली की खरीदारी के बीच यह मेला स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का मंच बन रहा है।
100 से अधिक स्टॉलों पर राजस्थानी कला और हस्तशिल्प की झलक
मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा तैयार विभिन्न उत्पाद उपलब्ध हैं। इनमें कोटा डोरिया की साड़ियां, जयपुर की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी, पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, डोरमैट और कारपेट शामिल हैं। दिवाली के अवसर पर रंग-बिरंगे दीये, मोमबत्तियां, रंगोली और घर की सजावट से जुड़ी हस्तनिर्मित सामग्री भी खरीदारों को आकर्षित कर रही है। इन उत्पादों के माध्यम से राजस्थान की पारंपरिक कला, सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता को प्रदर्शित किया जा रहा है। मेले में लोगों को स्थानीय कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद खरीदने का अवसर मिल रहा है।
राजस्थानी व्यंजन और मनोरंजक गतिविधियां भी आकर्षण
राजीविका दिवाली मेला केवल खरीदारी का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां आगंतुकों को राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति और खान-पान का अनुभव भी मिल रहा है। मेले में प्राकृतिक खाद्य उत्पादों और पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों सहित विभिन्न खान-पान की स्टॉलें लगाई गई हैं। इनके साथ तीरंदाजी जैसी मनोरंजक गतिविधियां भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिल रहा बाजार
राजीविका दिवाली मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। मेले के जरिए महिलाएं अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा रही हैं। इससे उन्हें नए खरीदारों से जुड़ने, अपने उत्पादों की पहचान बनाने और बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी से उनकी आजीविका को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय कारीगरी और स्वदेशी उत्पादों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं के कौशल को पहचान दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
4 नवंबर तक चलेगा मेला, प्रवेश निःशुल्क
राजीविका दिवाली मेला 28 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। मेले का समय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित है। यहां प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है। जयपुरवासी मेले में दिवाली की खरीदारी करने के साथ ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों को भी खरीद सकते हैं। इस तरह वे स्थानीय कला और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में भागीदार बन सकते हैं।
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